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सामवेद में द्विपदा गायत्री के 932 संदर्भ मिले

अग्ने त्वं नो अन्तम उत त्राता शिवो भुवो वरूथ्यः ॥४४८॥


वसुरग्निर्वसुश्रवा अच्छा नक्षि द्युमत्तमो रयिं दाः ॥११०८॥