Go To Mantra

अ॒भि नो॑ वाज॒सात॑मं र॒यिम॑र्ष पुरु॒स्पृह॑म् । इन्दो॑ स॒हस्र॑भर्णसं तुविद्यु॒म्नं वि॑भ्वा॒सह॑म् ॥

English Transliteration

abhi no vājasātamaṁ rayim arṣa puruspṛham | indo sahasrabharṇasaṁ tuvidyumnaṁ vibhvāsaham ||

Mantra Audio
Pad Path

अ॒भि । नः॒ । वा॒ज॒ऽसात॑मम् । र॒यिम् । अ॒र्ष॒ । पु॒रु॒ऽस्पृह॑म् । इन्दो॒ इति॑ । स॒हस्र॑ऽभर्णसम् । तु॒वि॒ऽद्यु॒म्नम् । वि॒भ्व॒ऽसह॑म् ॥ ९.९८.१

Rigveda » Mandal:9» Sukta:98» Mantra:1 | Ashtak:7» Adhyay:4» Varga:23» Mantra:1 | Mandal:9» Anuvak:6» Mantra:1


Reads 439 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे प्रकाशस्वरूप परमात्मन् ! (सहस्रभर्णसम्) अनेक प्रकार पालन-पोषण करनेवाला (पुरुस्पृहम्) जो सबको अभिलषित है, (वाजसातमम्) जो अनन्त प्रकार के बलों का देनेवाला है, (रयिम्) ऐसे धन को (नः) हमारे लिये (अभ्यर्ष) आप दें, (तुविद्युम्नम्) जो अनन्त प्रकार के यशों का देनेवाला और (विभ्वसहम्) सब तरह की प्रतिकूल शक्तियों को दबा देनेवाला है, इस प्रकार का धन आप दें ॥१॥
Connotation: - इस मन्त्र में अक्षय धन की प्राप्ति का वर्णन है ॥१॥
Reads 439 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

उत्तम धन

Word-Meaning: - हे (इन्दो) = सोम ! (नः) = हमारे लिये (रयिम्) = धन [ऐश्वर्य] को अभ्यर्ण प्राप्त करा, जो कि (वाजसातमम्) = अधिक से अधिक बल को देनेवाला हो, पुरुस्पृहम् - बहुत ही स्पृहणीय हो अथवा पालक व पूरक होते हुए स्पृहणीय हो [ पृपालनपूरणयोः] । उस धन को प्राप्त करा जो (सहस्रभर्णसम्) = हजारों का भरण करनेवाला हो। (तुविद्युम्नम्) = महान् ज्ञान ज्योतिवाला हो, (विभ्वासहम्) = महान् शक्तिशाली भी शत्रुओं का अभिभव करनेवाला हो ।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण करनेवाला पुरुष धनार्जन करता है। यह धन उसकी बल वृद्धि व ज्ञान वृद्धि का साधन बनता है। यह धन बहुतों से स्पृहणीय, सभी का भरण करनेवाला होता है । यह धन उसे काम आदि शत्रुओं का शिकार नहीं बना देता ।
Reads 439 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे प्रकाशस्वरूप ! (सहस्रभर्णसं) अनेकप्रकारैः पोषकं (पुरुस्पृहं) सर्वप्रार्थितं (वाजसातमं) अनेकविधबलप्रदं (रयिं) धनं (नः) अस्मभ्यं (अभि अर्ष) प्रददातु (तुविद्युम्नं) बहुविधयशः प्रदञ्च यत्स्यात् यच्च (विभ्वसहं) सर्वविरुद्धशक्तिरोधकं च स्यात् ॥१॥
Reads 439 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Indu, divine spirit of peace, power, beauty and grace, move and bless us to achieve wealth, honour and excellence of high order, universally loved and valued, a thousandfold sustaining, mighty powerful, all challenging and finally victorious.