Go To Mantra

ए॒ते सोमा॑ अ॒भि प्रि॒यमिन्द्र॑स्य॒ काम॑मक्षरन् । वर्ध॑न्तो अस्य वी॒र्य॑म् ॥

English Transliteration

ete somā abhi priyam indrasya kāmam akṣaran | vardhanto asya vīryam ||

Mantra Audio
Pad Path

ए॒ते । सोमाः॑ । अ॒भि । प्रि॒यम् । इन्द्र॑स्य । काम॑म् । अ॒क्ष॒र॒न् । वर्ध॑न्तः । अ॒स्य॒ । वी॒र्य॑म् ॥ ९.८.१

Rigveda » Mandal:9» Sukta:8» Mantra:1 | Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:30» Mantra:1 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:1


Reads 349 times

ARYAMUNI

अब उक्त सोमस्वभाव परमात्मा से कामनाओं की सिद्धि कथन करते हैं।

Word-Meaning: - (अस्य) इस (इन्द्रस्य) जीवात्मा की (अभि, प्रियम्, कामम्) अभीष्ट-कामनाओं को (अक्षरन्) देता हुआ (वीर्यम्) उसके बल को (एते, सोमाः) उक्त परमात्मा (वर्धन्तः) बढ़ाता है ॥१॥
Connotation: - “बलमसि बलं मे देहि वीर्यमसि वीर्यं मे देहि ” अथ० २।३।१७ जिस प्रकार इस मन्त्र में परमात्मा से बल वीर्यादिकों की प्रार्थना है, इसी प्रकार इस मन्त्र में भी परमात्मा से बल वीर्यादिकों की प्रार्थना है ॥१॥
Reads 349 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्रिय कामना की पूर्ति

Word-Meaning: - [१] (एते) = ये (सोमा:) = सोमकण इन्द्रस्य जितेन्द्रिय पुरुष के (प्रियं कामं अभि) = प्रिय इच्छा का लक्ष्य करके (अक्षरन्) = शरीर में गतिवाले होते हैं। शरीर में सुरक्षित होने पर ये इसकी सब प्रिय कामनाओं को पूर्ण करते हैं। सर्वोत्तम प्रिय कामना इस जितेन्द्रिय पुरुष की यही होती है कि मैं उस प्रभु को प्राप्त कर सकूँ। सोमरक्षण के द्वारा ही यह कामना पूर्ण होती है । यह सोम ही [वीर्य ही] उस सोम [प्रभु] को प्राप्त कराता है। [२] ये सोमकण (अस्य वीर्यम्) = इसके पराक्रम को (वर्धन्तः) = बढ़ानेवाले होते हैं। रक्षित सोम से शरीर का एक-एक अंग शक्तिशाली बनता है यह रक्षित सोम ही शरीर पर आक्रमण करनेवाले रोगकृमियों का विनाश करता है ।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से सब प्रिय कामनायें पूर्ण होती हैं। शक्ति का वर्धन होता है ।
Reads 349 times

ARYAMUNI

सम्प्रति सोमात्परमात्मनो निखिलकार्यसिद्धिः कथ्यते।

Word-Meaning: - (अस्य, इन्द्रस्य) अस्य जीवात्मनः (अभि, प्रियम्, कामम्) अभित इष्टां कामनाम् (अक्षरन्) ददत् (वीर्यम्) तद्बलं च (एते, सोमाः) असौ परमात्मा (वर्धन्तः) समिद्धं कुर्वन्नास्ते ॥१॥
Reads 349 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - These soma streams of life flow free and fulfil the cherished desires of humanity and exalt the creative splendour of the soul.