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ये ते॑ प॒वित्र॑मू॒र्मयो॑ऽभि॒क्षर॑न्ति॒ धार॑या । तेभि॑र्नः सोम मृळय ॥

English Transliteration

ye te pavitram ūrmayo bhikṣaranti dhārayā | tebhir naḥ soma mṛḻaya ||

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Pad Path

ये । ते॒ । प॒वित्र॑म् । ऊ॒र्मयः॑ । अ॒भि॒ऽक्षर॑न्ति । धार॑या । तेभिः॑ । नः॒ । सो॒म॒ । मृ॒ळ॒य॒ ॥ ९.६१.५

Rigveda » Mandal:9» Sukta:61» Mantra:5 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:18» Mantra:5 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:5


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे सौम्यस्वभाव कर्मयोगिन् ! (ये ते ऊर्मयः) जो आपकी शरणरक्षक शक्तियें (पवित्रम्) शुद्ध हृदयवाले मनुष्य की ओर (धारया) प्रवाहरूप से (अभिक्षरन्ति) अभिगत होती हैं, (तेभिः) उन शक्तियों से (नः) हमको (मृळय) सुरक्षित करके सुखी करिये ॥५॥
Connotation: - कर्म्मयोगी के उद्योगादि भावों को धारण करके स्वयं उद्योगी बनने का उपदेश इस मन्त्र में किया गया है ॥५॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

सोम की ऊर्मियों का अभिक्षरण

Word-Meaning: - [१] हे सोम ! (ये) = जो (ते) = तेरी (ऊर्मयः) = तरंगें (धारया) = अपनी धारणशक्ति से (पवित्रम्) = पवित्र हृदयवाले पुरुष की (अभिक्षरन्ति) = ओर प्राप्त होती हैं, (तेभिः) = उन ऊर्मियों से (नः) = हमें (मृडय) = सुखी कर । [२] ये सोम की तरंगें शरीर में व्याप्त होती हैं तो शरीर रोगों व वासनाओं का शिकार नहीं होता । हम नीरोग व निर्मल हृदय बनते हैं। ऐसा ही जीवन सुखी होता है ।
Connotation: - भावार्थ- सोम शरीर में प्रवाहित होकर हमें नीरोग व निर्मल बनाता है। यही जीवन को सुखी बनाने का मार्ग है।
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे सौम्यप्रकृते कर्मयोगिन् ! (ये ते ऊर्मयः) याः शरणागतरक्षिका भवतः शक्तयः (पवित्रम्) शुद्धान्तःकरणवन्तं मनुष्यं (धारया) प्रवाहरूपेण (अभिक्षरन्ति) अभिगता भवन्ति। (तेभिः) ताभिः शक्तिभिः (नः) अस्मान् (मृळय) सुरक्षितान् विधाय सुखय ॥५॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The streams of your piety, purity, peace and plenty rain in showers for the pure heart and soul in humanity. O Soma, with those showers, pray bless us with happiness, prosperity and all round well being.