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स नो॒ विश्वे॑भिर्दे॒वेभि॒रूर्जो॑ नपा॒द्भद्र॑शोचे । र॒यिं दे॑हि वि॒श्ववा॑रम् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
sa no viśvebhir devebhir ūrjo napād bhadraśoce | rayiṁ dehi viśvavāram ||
Pad Path
सः । नः॒ । विश्वे॑भिः । दे॒वेभिः॑ । ऊर्जः॑ । नपा॑त् । भद्र॑ऽशोचे । र॒यिम् । दे॒हि॒ । वि॒श्वऽवा॑रम् ॥ ८.७१.३
Rigveda » Mandal:8» Sukta:71» Mantra:3
| Ashtak:6» Adhyay:5» Varga:11» Mantra:3
| Mandal:8» Anuvak:8» Mantra:3
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - (मघवा) परमैश्वर्य्यशाली (शौरदेव्यः) शूरों और देवों का हितकारी ईश्वर (नः) हमको (त्रिभ्यः) तीनों लोकों से (कर्णगृह्य) कान पकड़ कर (वत्सम्) वत्स लाकर देता है, (न) जैसे (सूरिः) स्वामी (धातवे) पिलाने के लिये (अजाम्) बकरी को लाता है ॥१५॥
Connotation: - ईश्वर जिसको देना चाहता है, उसको अनेक उपायों से देता है। मानो तीनों लोकों में से कहीं से आनकर उसको अभिलषित देता है, क्योंकि वह महाधनेश्वर है। हे मनुष्यों ! उसकी उपासना प्रेम से करो ॥१५॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
उर्जोनपात्+भद्रशोचे
Word-Meaning: - [१] हे (ऊर्जोनपात्) = शक्ति को न गिरने देनेवाले (भद्रशोचे) = कल्याणकर दीप्तिवाले प्रभो ! (सः) = वे आप (नः) = हमें (विश्वेभिः देवेभिः) = सब दिव्यगुणों के साथ (रयिं) = धन को (देहि) = दीजिए, जो धन (विश्ववारम्) = सब वरणीय वस्तुओं को प्राप्त करानेवाला है। [२] हम प्रभु का उपासन करेंगे तो प्रभु के अनुग्रह से जहाँ शक्ति को प्राप्त करेंगे, वहाँ साथ ही कल्याणकर दीप्ति को प्राप्त करनेवाले बनेंगे। यह शक्ति व दीप्ति हमें दिव्य गुणों के साथ वरणीय धन को प्राप्त कराएगी।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु शक्ति को न गिरने देनेवाले व कल्याणकर दीप्ति को प्राप्त करानेवाले हैं। इनको प्राप्त करके हम दिव्यगुणों व वरणीय धनों को प्राप्त करते हैं।
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - मघवा=परमैश्वर्य्ययुक्तः। शौरदेव्यः=शूराणाम्। देवानां च हितकारी इन्द्रवाच्येश्वरः। नः=अस्मान् प्रति त्रिभ्यो=लोकेभ्यः। कर्णगृह्य=कर्णं गृहीत्वा। वत्सम्। आनयत्=आनयति। न=यथा। धातवे=पानाय। सूरिः। अजां नयति ॥१५॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Ruler of the earth as you are, O lord of infallible energy and blissful flames of fire, bless us with universal wealth with all the light, honour and excellence of the world.
