Go To Mantra

आ स॒वं स॑वि॒तुर्य॑था॒ भग॑स्येव भु॒जिं हु॑वे । अ॒ग्निं स॑मु॒द्रवा॑ससम् ॥

English Transliteration

ā savaṁ savitur yathā bhagasyeva bhujiṁ huve | agniṁ samudravāsasam ||

Mantra Audio
Pad Path

आ । स॒वम् । स॒वि॒तुः । य॒था॒ । भग॑स्यऽइव । भु॒जिम् । हु॒वे॒ । अ॒ग्निम् । स॒मु॒द्रऽवा॑ससम् ॥ ८.१०२.६

Rigveda » Mandal:8» Sukta:102» Mantra:6 | Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:10» Mantra:1 | Mandal:8» Anuvak:10» Mantra:6


Reads 382 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

सवितुः सवं, भगस्य भुजिम्

Word-Meaning: - [१] (यथा) = जैसे (सवितुः) = उस प्रेरक प्रभु की (सवम्) = प्रेरणा को (आहुवे) = पुकारता हूँ, अर्थात् जैसे मैं चाहता हूँ कि प्रभु की प्रेरणा को सुन पाऊँ । (इव) = जैसे (भगस्य) = उस ऐश्वर्यशाली प्रभु की (भुजिम्) = पालन की साधनभूत सम्पत्ति को [आहुवे ] पुकारता हूँ, अर्थात् पालन के लिये आवश्यक धन की कामना करता हूँ। [२] उसी प्रकार मैं (अग्निम्) = उस अग्रेणी प्रभु को पुकारता हूँ जो (समुद्रवाससम्) = सदा आनन्दमय हैं और सबको आच्छादित करनेवाले हैं।
Connotation: - भावार्थ- हम उस प्रेरक प्रभु की प्रेरणा को सुनें । ऐश्वर्य पुञ्ज प्रभु से पालन के लिये आवश्यक ऐश्वर्य को प्राप्त करें। निरन्तर आगे बढ़ते हुए आनन्दमय प्रभु की गोद में पहुँचकर विश्राम लें।
Reads 382 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Like the creative power of the sun and the inspiring lord creator, and like the pleasurable gifts of the lord of power, honour and excellence, I invoke and study the passion and fire hidden in the sea and sky and in the cave of the heart.