Go To Mantra

तं त्वा॑जनन्त मा॒तर॑: क॒विं दे॒वासो॑ अङ्गिरः । ह॒व्य॒वाह॒मम॑र्त्यम् ॥

English Transliteration

taṁ tvājananta mātaraḥ kaviṁ devāso aṅgiraḥ | havyavāham amartyam ||

Mantra Audio
Pad Path

तम् । त्वा॒ । अ॒ज॒न॒न्त॒ । मा॒तरः॑ । क॒विम् । दे॒वासः॑ । अ॒ङ्गि॒रः॒ । ह॒व्य॒ऽवाह॑म् । अम॑र्त्यम् ॥ ८.१०२.१७

Rigveda » Mandal:8» Sukta:102» Mantra:17 | Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:12» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:10» Mantra:17


Reads 415 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

मातरः-देवासः

Word-Meaning: - [१] हे (अंगिरः) = हमारे अंग-प्रत्यंग में रस का संचार करनेवाले अथवा हमें गति देनेवाले प्रभो ! (तं त्वा) = उन आपको (मातरः) = अपने अन्दर ज्ञान को उत्पन्न करनेवाले [प्रमातारः] अथवा निर्माणात्मक कार्यों में प्रवृत्त होनेवाले लोग (अजनन्त) = अपने अन्दर प्रादुर्भूत करते हैं। प्रभु का प्रकाश इन निर्माताओं को ही प्राप्त होता है। [२] (देवासः) = देववृत्ति के लोग ही (कविम्) = उस क्रान्तदर्शी सर्वज्ञ प्रभु को, (हव्यवाहम्) = हव्य पदार्थों को प्राप्त करानेवाले प्रभु को, (अमर्त्यम्) = अविनाशी प्रभु को अपने अन्दर प्रादुर्भूत करते हैं।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु का दर्शन निर्मणात्मक कार्यों में प्रवृत्त देववृत्ति के लोगों को होता है।
Reads 415 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Angira, omniscient Agni, immortal power, enlightened leading yajaka, divinities like mothers manifest you, create you, reveal you, visionary poet and maker of poetic beauties, carrier and harbinger of yajnic wealths of fragrances.