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तमर्व॑न्तं॒ न सा॑न॒सिं गृ॑णी॒हि वि॑प्र शु॒ष्मिण॑म् । मि॒त्रं न या॑त॒यज्ज॑नम् ॥

English Transliteration

tam arvantaṁ na sānasiṁ gṛṇīhi vipra śuṣmiṇam | mitraṁ na yātayajjanam ||

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Pad Path

तम् । अर्व॑न्तम् । न । सा॒न॒सिम् । गृ॒णी॒हि । वि॒प्र॒ । शु॒ष्मिण॑म् । मि॒त्रम् । न । या॒त॒यत्ऽज॑नम् ॥ ८.१०२.१२

Rigveda » Mandal:8» Sukta:102» Mantra:12 | Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:11» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:10» Mantra:12


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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अर्वन्तं न, मित्रं न

Word-Meaning: - [१] हे (विप्र) = अपना विशेषरूप से पूरण करनेवाले साधक ! तू (तम्) = उस (अर्वन्तं न) = [अव्] शत्रुओं का संहार करनेवाले के समान (सानसिम्) = सम्भजनीय (शुष्मिणम्) = शत्रु-शोषक बलवाले प्रभु को (गृणीहि) = स्तुत कर । प्रभु तेरे भी काम-क्रोध आदि शत्रुओं का संहार करेंगे और तुझे शक्ति प्राप्त करायेंगे। [२] उस प्रभु का तू स्तवन कर जो (मित्रं न) = एक पापों से बचानेवाले [प्रमीते: त्रायते] सखा के समान (यातयज्जनम्) = लोगों को उत्तम कर्मों में यत्नशील करते हैं।
Connotation: - भावार्थ- हम प्रभु का स्तवन करें। प्रभु हमारे वासनात्मक शत्रुओं का संहार करेंगे और हमें शक्ति देते हुए एक मित्र की तरह उत्तम कर्मों में प्रेरित करेंगे।
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O vibrant scholar and dedicated yajaka, adore and sing in praise of Agni, victorious giver of wealth and success like an archer getting the target, powerful inspirer of humanity for action and advancement as a friend.