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आ जा॒तं जा॒तवे॑दसि प्रि॒यं शि॑शी॒ताति॑थिम्। स्यो॒न आ गृ॒हप॑तिम् ॥४२॥

English Transliteration

ā jātaṁ jātavedasi priyaṁ śiśītātithim | syona ā gṛhapatim ||

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Pad Path

आ। जा॒तम्। जा॒तऽवे॑दसि। प्रि॒यम्। शि॒शी॒त॒। अति॑थिम्। स्यो॒ने। आ। गृ॒हऽप॑तिम् ॥४२॥

Rigveda » Mandal:6» Sukta:16» Mantra:42 | Ashtak:4» Adhyay:5» Varga:29» Mantra:2 | Mandal:6» Anuvak:2» Mantra:42


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SWAMI DAYANAND SARSWATI

विद्वानों को चाहिये कि श्रेष्ठ गृहस्थों का सत्कार करें, इस विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे विद्वान् जनो ! (जातवेदसि) प्राप्त हुई विद्या जिसमें उसमें (आ, जातम्) अच्छे प्रकार प्रसिद्ध (प्रियम्) प्रिय (अतिथिम्) अतिथि के समान वर्त्तमान को (स्योने) सुख में (गृहपतिम्) गृह के स्वामी को (आ, शिशीत) अच्छे प्रकार तीक्ष्ण करिये ॥४२॥
Connotation: - जो व्याप्त बिजली को प्रज्वलित कराते हैं, वे सब स्थानों में विजय आदि को प्राप्त होते हैं ॥४२॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्रभु को हृदय में स्थापित करना

Word-Meaning: - [१] (आजातम्) = समन्तात् प्रादुर्भूत, जिसकी महिमा सब ओर प्रकट हो रही है, उस (प्रियम्) = प्रीति को उत्पन्न करनेवाले (अतिथिम्) = हमारे हित के लिये निरन्तर गतिशील, (गृहपतिम्) = इस शरीर रूप गृह के रक्षक प्रभु को (जातवेदसि) = उत्पन्न हुआ है ज्ञान जिसमें उस (स्योने) = आनन्दमय हृदय में (आ शिशीत) = [शी] स्थापित करो। [२] हृदय को स्वाध्याय के द्वारा ज्ञानोज्ज्वल बनाएँ, ध्यान के द्वारा प्रसादयुक्त करें। तभी यह हृदय प्रभु का अधिष्ठान बनने के योग्य होता है। हृदयस्थ प्रभु हमारे शत्रुओं का विनाश करके हमारे इस शरीर गृह को सुरक्षित करते हैं।
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SWAMI DAYANAND SARSWATI

विद्वद्भिः सद्गृहस्थाः सत्कर्त्तव्या इत्याह ॥

Anvay:

हे विद्वांसो ! जातवेदस्याऽऽजातं प्रियमतिथिमिव स्योने गृहपतिमा शिशीत ॥४२॥

Word-Meaning: - (आ) (जातम्) प्रसिद्धम् (जातवेदसि) जातविद्ये (प्रियम्) कमनीयम् (शिशीत) तीक्ष्णीकुरुत (अतिथिम्) अतिथिवद्वर्त्तमानम् (स्योने) सुखे (आ) (गृहपतिम्) गृहस्वामिनम् ॥४२॥
Connotation: - ये व्याप्तां विद्युतं प्रज्वालयन्ति ते सर्वत्र विजयादिकमाप्नुवन्ति ॥४२॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Sharpen and constantly intensify the light of universal Agni, spirit of life, manifested in the all immanent fire of yajna, like a dear guest worthy of reverence in the delightful home, the spirit which is protector, promoter and really the head of family.
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ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

Good householders should be honored by the learned persons is told.

Anvay:

O learned persons ! honor a house- holder who is well known among the knowers of various sciences and is venerable like a dear guest. Honor him to your home.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - Those who enkindle (use pervasive electricity), everywhere achieve victory.
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MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - जे व्याप्त असलेली विद्युत प्रज्वलित करवितात ते सर्वत्र विजय प्राप्त करतात. ॥ ४२ ॥