Go To Mantra

आ ते॒ रथ॑स्य पूषन्न॒जा धुरं॑ ववृत्युः । विश्व॑स्या॒र्थिन॒: सखा॑ सनो॒जा अन॑पच्युतः ॥

English Transliteration

ā te rathasya pūṣann ajā dhuraṁ vavṛtyuḥ | viśvasyārthinaḥ sakhā sanojā anapacyutaḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

आ । ते॒ । रथ॑स्य । पू॒ष॒न् । अ॒जाः । धुर॑म् । व॒वृ॒त्युः॒ । विश्व॑स्य । अ॒र्थिनः॑ । सखा॑ । स॒नः॒ऽजाः । अन॑पऽच्युतः ॥ १०.२६.८

Rigveda » Mandal:10» Sukta:26» Mantra:8 | Ashtak:7» Adhyay:7» Varga:14» Mantra:3 | Mandal:10» Anuvak:2» Mantra:8


Reads 454 times

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (पूषन्) हे पोषक परमात्मन् ! (ते रथस्य धुरम्) तेरे रमणीय मोक्ष के धारण-साधन को (अजाः-आ ववृत्युः) स्तुतियाँ आवर्तित करती हैं-आस्थापित करती हैं (विश्वस्य-अर्थिनः) सब उपासक प्रार्थी का (सनोजाः-अनपच्युतः सखा) शाश्वतिक अनश्वर मित्र है ॥८॥
Connotation: - परमात्मा के आश्रय मोक्ष धाम की प्राप्ति उसकी स्तुतियों के द्वारा होती है। प्रत्येक उपासकों का वह शाश्वतिक अनश्वर मित्र है ॥८॥
Reads 454 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

धुरा का आवर्तन

Word-Meaning: - [१] हे (पूषन्) = पोषक प्रभो ! (ते रथस्य धुरम्) = आपके दिये हुए इस शरीररूप रथ की धुरा को (अजाः) = [अज गतिक्षेपणयोः] गति के द्वारा मलों को दूर करनेवाले व्यक्ति ही (आववृत्युः) = आवर्तित करते हैं, अर्थात् धारण करके कार्य में व्यापृत करते हैं। 'अज' पुरुष ही इस जीवनरथ का वहन कर पाते हैं । [२] वे प्रभु (विश्वस्य) = सब (अर्थिनः) = प्रार्थना करनेवालों के (सखा) = मित्र हैं। प्रभु ही तो हमारी सब कामनाओं को पूर्ण करते हैं। वे प्रभु (सनोजा:) = चिरजात हैं, सदा से प्रादुर्भूत हैं। किसी समय विशेष में उनका प्रादुर्भाव नहीं होता, सदा से हैं, सदा रहेंगे। (अनपच्युतः) = उन प्रभु को कोई मार्ग से हटा नहीं सकता, उनकी व्यवस्था का कोई भंग नहीं कर सकता। प्रभु के नियम अटल हैं ।
Connotation: - भावार्थ- हम गतिशील बनकर इस शरीर रथ का वहन करनेवाले बनें। प्रार्थना द्वारा प्रभु के मित्र बनें।
Reads 454 times

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (पूषन्) हे पोषयितः परमात्मन् ! (ते रथस्य धुरम्) तव रमणीयस्य मोक्षस्य धारणं प्रापणं “धूः धारयतेः” [निरु० ३।९] (अजाः-आववृत्युः) वाचः स्तुतयः “वाग्वा अजा [श० ६।४।४।१५] आवर्तन्ते-आवर्तयन्ति-आस्थापयन्ति यतस्त्वम् (विश्वस्य अर्थिनः) सर्वस्योपासकस्य प्रार्थिनः (सनोजाः-अनपच्युतः सखा) सनातनकालात् प्रसिद्धः शाश्वतिकोऽनश्वरः सखाऽस्ति ॥८॥
Reads 454 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Pusha, unborn, eternal and undiminishing forces move your chariot wheels on and on, friend of all supplicants of the world, eternal, unborn and infinitely manifestive, imperishable.