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अ॒स्य वो॒ ह्यव॑सा॒ पान्तो॑ दक्ष॒साध॑नम् । यः सू॒रिषु॒ श्रवो॑ बृ॒हद्द॒धे स्व१॒॑र्ण ह॑र्य॒तः ॥

English Transliteration

asya vo hy avasā pānto dakṣasādhanam | yaḥ sūriṣu śravo bṛhad dadhe svar ṇa haryataḥ ||

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Pad Path

अ॒स्य । वः॒ । हि । अव॑सा । पान्तः॑ । द॒क्ष॒ऽसाध॑नम् । यः । सू॒रिषु॑ । श्रव॑ह् । बृ॒हत् । द॒धे । स्वः॑ । न । ह॒र्य॒तः ॥ ९.९८.८

Rigveda » Mandal:9» Sukta:98» Mantra:8 | Ashtak:7» Adhyay:4» Varga:24» Mantra:2 | Mandal:9» Anuvak:6» Mantra:8


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (यः) जो परमात्मा (सूरिषु) कर्मयोगियों में (बृहत्) बड़े (श्रवः) ऐश्वर्य्य को (दधे) धारण करता है (हि) क्योंकि (अस्य) उक्त परमात्मा की (अवसा) रक्षा द्वारा (वः) आप लोग (पान्तः) उसके आनन्द का पान करें, जो आनन्द (दक्षसाधनम्) सब प्रकार के चातुर्य्यों का मूल है और (स्वः) सूर्य के (न) समान (हर्यतः) अज्ञान के नाशक परमात्मा का स्वभावभूत गुण है ॥८॥
Connotation: - उस परमात्मा के सर्वोत्तम स्वादुमय आनन्द को कर्मयोगी ही पा सकते हैं, अन्य नहीं ॥८॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

दक्ष + श्रवः [बल+ज्ञान]

Word-Meaning: - प्रभु कहते हैं कि (वः) = तुम अस्य अवसा हि इस सोम के रक्षण से ही (दक्षसाधनम्) = बल व उन्नति के साधनभूत रस का (पान्तः) = रक्षण करते हुए होवो। उस सोम के रक्षण से तुम बल व उन्नति का साधन करो (यः) = जो सोम (सूरिषु) = ज्ञानी स्तोताओं में (बृहत् श्रवः) = उत्कृष्ट ज्ञान को (दधे) = स्थापित करता है, ज्ञानाग्नि को दीप्त करके ज्ञान के उत्कर्ष का कारण बनता है । और (स्वः न) = सूर्य की तरह (हर्यतः कान्त) = चमकता हुआ अथवा सूर्य की तरह सब से स्पृहणीय है, चाहने योग्य है ।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से बल की वृद्धि होती है, उत्कृष्ट ज्ञान प्राप्त होता है।
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (यः सूरिषु) यश्च परमात्मा कर्मयोगिषु (बृहत्) महत् (श्रवः) ऐश्वर्यं (दधे) धारयति (अस्य, अवसा) अस्य परमात्मनो रक्षया (वः) यूयम् (पान्तः) आनन्दपानं कुरुत य आनन्दः (दक्षसाधनं) सर्वविधचातुर्यमूलं (स्वः, न) सूर्यस्य इव (हर्यतः) अज्ञाननाशकस्य परमात्मनो निसर्गगुणश्च ॥८॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - This spirit of beauty and perfection, sublime like the sun, by virtue of its own innate potential which vests all great ones with their mighty power and honour, that spirit you all adore for protection and perfection of your life.