Go To Mantra

स म॑त्स॒रः पृ॒त्सु व॒न्वन्नवा॑तः स॒हस्र॑रेता अ॒भि वाज॑मर्ष । इन्द्रा॑येन्दो॒ पव॑मानो मनी॒ष्यं१॒॑शोरू॒र्मिमी॑रय॒ गा इ॑ष॒ण्यन् ॥

English Transliteration

sa matsaraḥ pṛtsu vanvann avātaḥ sahasraretā abhi vājam arṣa | indrāyendo pavamāno manīṣy aṁśor ūrmim īraya gā iṣaṇyan ||

Mantra Audio
Pad Path

सः । म॒त्स॒रः । पृ॒त्ऽसु । व॒न्वन् । अवा॑तः । स॒हस्र॑ऽरेताः । अ॒भि । वाज॑म् । अ॒र्ष॒ । इन्द्रा॑य । इ॒न्दो॒ इति॑ । पव॑मानः । म॒नी॒षी । अं॒शोः । ऊ॒र्मिम् । ई॒र॒य॒ । गाः । इ॒ष॒ण्यन् ॥ ९.९६.८

Rigveda » Mandal:9» Sukta:96» Mantra:8 | Ashtak:7» Adhyay:4» Varga:7» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:5» Mantra:8


Reads 433 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सः) वह परमात्मा (मत्सरः) आनन्दस्वरूप है। (पृत्सु) यज्ञों में (वन्वन्) सब विघ्नों को नाश करता हुआ (अवातः) निश्चल होकर विराजमान है। (सहस्ररेताः) अनन्त प्रकार के बलों से युक्त है। (वाजम्) सब बलों को (अभि) आश्रय देकर (अर्ष) व्याप्त हो रहा है। (इन्दो) हे प्रकाशस्वरूप परमात्मन् ! (पवमानः) आप सबको पवित्र करनेवाले हैं, (मनीषी) मन के प्रेरक हैं। (अंशोः, इषण्यन्) इन्द्रियों की प्रेरणा करते हुए (ऊर्मिमीरय) आनन्द की लहरों को हमारी ओर प्रेरित करें ॥८॥
Connotation: - जो पुरुष अनन्यभक्ति से अर्थात् एकमात्र ईश्वरपरायण होकर ईश्वर की उपासना करते हैं, परमात्मा उन्हें अवश्यमेव आनन्द का प्रदान करता है ॥८॥
Reads 433 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

वन्वन् अवातः

Word-Meaning: - (सः) = वह सोम (पृत्सु) = संग्रामों में (वन्वन्) = संग्रामों में शत्रुओं का विजय करता हुआ (अवातः) = [अनभिगतः] शत्रुओं से आक्रान्त न किया जाता हुआ (मत्सरः) = आनन्द का संचार करता है। (सहस्त्ररेताः) = अनन्त शक्ति वाला यह सोम है। तू (वाजम् अभि अर्ष) = शत्रुओं के साथ संग्राम की ओर गतिवाला हो। हे (इन्दो) = सोम ! (इन्द्राय) = जितेन्द्रिय पुरुष के लिये (पवमानः) = पवित्रता को करता हुआ (मनीषी) = प्रशस्त मनीषा वाला है, उत्तम बुद्धि को प्राप्त कराता है। तू (गाः इषण्यन्) = ज्ञान की वाणियों को प्रेरित करता हुआ (अंशोः ऊर्मिम्) = प्रकाश की किरणों की तरंगों को व पंक्तियों को (ईरय) = प्रेरित कर [ऊर्मि = row, line]।
Connotation: - भावार्थ-सोम अपराजित शक्ति वाला होता हुआ शत्रुओं को कुचलता है। बुद्धि का वर्धन करता हुआ ज्ञानरश्मियों की पंक्ति को प्रेरित करता है ।
Reads 433 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सः) स परमात्मा (मत्सरः) आनन्दस्वरूपः (पृत्सु) यज्ञेषु (धन्वन्) सर्वविघ्नानि अपसारयन् (अवातः) स्थिरीभूय विराजते (सहस्ररेताः) अनेकधा बलयुक्तोऽस्ति (वाजं) सर्वबलेभ्यः (अभि) आश्रयं दत्त्वा (अर्ष) व्याप्नोति (इन्दो) हे प्रकाशस्वरूप ! (पवमानः) भवान् सर्वपावकः (मनीषी) मनःप्रेरकश्च (गाः, अंशोः, इषण्यन्) इन्द्रियप्रसारं प्रेरयन् (ऊर्मिं, ईरय) आनन्दतरङ्गान् मामभिप्रेरयतु ॥८॥
Reads 433 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Soma is inspiration, excitement and ecstasy. Itself unmoved, it destroys negativities in the yajnic battles of life. Power and generative vigour of a thousand sort, pray move and energise all power, energy and enthusiasm of life. Pure and purifying, O spirit of beauty, peace and power, thinker and imaginative creator, inspiring and energising all senses and imagination, pray let the waves of ecstasy roll and flow for Indra, spirit, honour and excellence of life for humanity.