Go To Mantra

प्र ते॒ मदा॑सो मदि॒रास॑ आ॒शवोऽसृ॑क्षत॒ रथ्या॑सो॒ यथा॒ पृथ॑क् । धे॒नुर्न व॒त्सं पय॑सा॒भि व॒ज्रिण॒मिन्द्र॒मिन्द॑वो॒ मधु॑मन्त ऊ॒र्मय॑: ॥

English Transliteration

pra te madāso madirāsa āśavo sṛkṣata rathyāso yathā pṛthak | dhenur na vatsam payasābhi vajriṇam indram indavo madhumanta ūrmayaḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

प्र । ते॒ । मदा॑सः । म॒दि॒रासः॑ । आ॒शवः । असृ॑क्षत । रथ्या॑सः । यथा॑ । पृथ॑क् । धे॒नुः । न । व॒त्सम् । पय॑सा । अ॒भि । व॒ज्रिण॑म् । इन्द्र॑म् । इन्द॑वः । मधु॑ऽमन्तः । ऊ॒र्मयः॑ ॥ ९.८६.२

Rigveda » Mandal:9» Sukta:86» Mantra:2 | Ashtak:7» Adhyay:3» Varga:12» Mantra:2 | Mandal:9» Anuvak:5» Mantra:2


Reads 434 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (वज्रिणम्, इन्द्रम्) विद्युत् की शक्ति रखनेवाले कर्म्मयोगी के लिये (धेनुः) गौ (न) जैसे (वत्सं) अपने बच्चे को (पयसा) दुग्ध के द्वारा (अभिगच्छति) प्राप्त होती है, इसी प्रकार (इन्दवः) परमात्मा के प्रकाशरूप स्वभाव (मधुमन्तः) जो आनन्दमय हैं (ऊर्म्मयः) और समुद्र की लहरों के समान गतिशील हैं, वे (मदासः) आह्लादक (मदिरासः) उत्तेजक (आशवः) व्याप्तिशील स्वभाव (ते) तुम्हारे लिये (प्रासृक्षत) रचे गये हैं। (यथा) जैसे (रथ्यासः) रथ की गति के लिये अश्वादिक (पृथक्) भिन्न-भिन्न रचे गये हैं, इसी प्रकार (ते) तुम्हारे लिये हे उपासक ! उक्त स्वभाव रचे गये हैं ॥२॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करते हैं कि हे उपासक ! तुम्हारे शरीररूपी रथ के लिये ज्ञान के विचित्र भाव घोड़ों के समान जिस प्रकार घोड़े रथ को गतिशील बनाते हैं, इसी प्रकार विज्ञानी पुरुष की चित्तवृत्तियें उसके शरीर को गतिशील बनाती हैं ॥२॥
Reads 434 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

मधुमना ऊर्मयः मदिरासः

Word-Meaning: - [१] हे सोम ! (ते) = तेरे (मदासः) = उल्लास के जनक (मदिरासः) = मस्ती को लानेवाले (आशवः) = शरीर में व्याप्त होनेवाले रस (प्र असृक्षत) = प्रकर्षेण सृष्ट होते हैं। (यथा) = जैसे (रथ्यासः) = रथवहन कुशल घोड़े, उसी प्रकार शरीर रथ का वहन करनेवाले ये सोमकण (पृथक्) = अलग-अलग अंग- प्रत्यंग में सृष्ट होते हैं । [२] (न) = जैसे (धेनु:) = दुधार गौ (वत्सम्) = बछड़े को (पयसा) = दूध से प्राप्त होती है, उसी प्रकार (इन्दवः) = ये सोमकण (वज्रिणे) = क्रियाशील (इन्द्रम्) = जितेन्द्रिय पुरुष के (अभि) = ओर प्राप्त होते हैं। ये उसके लिये (मधुमन्तः) = अन्यन्त माधुर्य को लिये हुए होते हैं और (ऊर्मयः) = [ऊर्मि light] ये उसके जीवन में प्रकाश को प्राप्त करानेवाले होते हैं ।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोमकण जीवन को मधुर उल्लासमय व प्रकाशमय बनाते हैं ।
Reads 434 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (वज्रिणं, इन्द्रं) विद्युच्छक्तिधारकाय कर्म्मयोगिने (धेनुः) गौः (न) यथा (वत्सं) निजपुत्रकं (पयसा) दुग्धेन (अभि, गच्छति) प्राप्नोति, एवमेव (इन्दवः) परमात्मनः प्रकाशरूपस्वभावाः (मधुमन्तः) ये आनन्दमयाः (ऊर्मयः) अपि च समुद्रस्य तरङ्गा इव गतिशीलाः सन्ति। ते (मदासः) आह्लादकाय (मदिरासः) उत्तेजकाय (आशवः) व्याप्तिशीलस्वभावाय (ते) तुभ्यं (प्र, असृक्षत) विरचिताः (यथा) येन प्रकारेण (रथ्यासः) रथगत्यै अश्वादयः (पृथक्) भिन्ना भिन्ना विरचितास्तथैव (ते) तुभ्यं हे उपासक ! उक्तस्वाभावा रचिताः ॥२॥
Reads 434 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Soma, spirit of peace, power and pleasure of divinity, the vibrations of your joy, ecstatic and instant, rise and flow, beautiful and pleasing, separate but in successive showers like drops in a ceaseless chain and, as the mother cow’s milk flows for the calf, the delicious and shining waves of honey sweets flow for the soul wielding the spiritual power of thunder.