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प्र धारा॒ मध्वो॑ अग्रि॒यो म॒हीर॒पो वि गा॑हते । ह॒विर्ह॒विष्षु॒ वन्द्य॑: ॥
English Transliteration
Mantra Audio
pra dhārā madhvo agriyo mahīr apo vi gāhate | havir haviṣṣu vandyaḥ ||
Pad Path
प्र । धारा॑ । मध्वः॑ । अ॒ग्रि॒यः । म॒हीः । अ॒पः । वि । गा॒ह॒ते॒ । ह॒विः । ह॒विष्षु॑ । वन्द्यः॑ ॥ ९.७.२
Rigveda » Mandal:9» Sukta:7» Mantra:2
| Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:28» Mantra:2
| Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:2
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
सोमरक्षण से ' अग्रिय व वन्द्य' बनना
Word-Meaning: - [१] (मध्वः) = ओषधि वनस्पतियों के सारभूत सोम की (धारा) = [ धारया] धारणशक्ति से यह सोमरक्षक पुरुष (अग्रियः) = अग्र स्थान पर पहुँचनेवाला होता है। इस सोम की धारणशक्ति से यह (महीः आपः) = अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कर्मों का (विगाहते) = आलोडन करता है । सोमरक्षण से शक्तिशाली बनकर हम उन्नत तो होते ही हैं, उस समय हम महान् कर्मों को करनेवाले बनते हैं । [२] यह सोमरक्षक पुरुरष (हविः) = त्यागपूर्वक अदन करनेवाला तथा लोकहित के कार्यों में अपनी आहुति देनेवाला होता है । (हविष्षु) = इन हविरूप पुरुषों में भी यह (प्र वन्द्यः) = वन्दना के योग्य बनता है ।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से [क] उन्नतिपथ पर हम आगे बढ़ते हैं, [ख] महत्त्वपूर्ण कार्यों को करनेवाले होते हैं, [ग] त्यागपूर्वक अदन करनेवाले व लोकहित के कार्यों में अपनी आहुति देनेवालों में श्रेष्ठ बनते हैं ।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (हविष्षु) सर्वेष्वादेयपदार्थेषु (हविः) सर्वाधिकग्राह्योऽस्ति (वन्द्यः) विश्ववन्दनीयः स एव (अग्रियः) अग्रणीः परमात्मा (मध्वः धाराः) मधुरधाराभिः (महीः) पृथिवीम् (अपः) द्युलोकश्च (विगाहते) अवगाहते ॥२॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Most adorable of the adorables, worthy of worship, Soma, lord of peace and joy, first and foremost of the honey streams of life, pervades the dynamics of existence in the eternal law.
