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समु॑ त्वा धी॒भिर॑स्वरन्हिन्व॒तीः स॒प्त जा॒मय॑: । विप्र॑मा॒जा वि॒वस्व॑तः ॥
English Transliteration
Mantra Audio
sam u tvā dhībhir asvaran hinvatīḥ sapta jāmayaḥ | vipram ājā vivasvataḥ ||
Pad Path
सम् । ऊँ॒ इति॑ । त्वा॒ । धी॒भिः । अ॒स्व॒र॒न् । हि॒न्व॒तीः । स॒प्त । जा॒मयः॑ । विप्र॑म् । आ॒जा । वि॒वस्व॑तः ॥ ९.६६.८
Rigveda » Mandal:9» Sukta:66» Mantra:8
| Ashtak:7» Adhyay:2» Varga:8» Mantra:3
| Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:8
ARYAMUNI
Word-Meaning: - हे परमात्मन् ! (विप्रम्) सर्वज्ञ (त्वा) आपको (सप्त जामयः) ज्ञानेन्द्रियों के सात गोलक (धीभिः) बुद्धि द्वारा (समु) भली-भाँति (अस्वरन्) शब्द करते हुए (विवस्वतः) यज्ञकर्त्ता के (आजा) यज्ञ में (हिन्वतीः) प्रेरणा करते हैं ॥८॥
Connotation: - उपासक लोग बुद्धिवृत्तियों द्वारा परमात्मा का साक्षात्कार करते हैं। वा यों कहो कि यम-नियम आदि सात अङ्गों द्वारा समाधि की सिद्धि करते हैं। अर्थात् समाधि साध्य पदार्थ है और सात उसके साधन हैं ॥८॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
सप्त जामयः
Word-Meaning: - [१] (सप्त) = सात (जामयः) = ' दो कान, दो आँखें, दो नासिका छिद्र व मुख' रूप सात ऋषियों से जन्म लेनेवाली ज्ञान नदियाँ (हिन्वती:) = हमें कर्मों में प्रेरित करती हुईं (त्वा उ) = हे सोम ! तुझे ही (धीभिः) = इन ज्ञानपूर्वक होनेवाले कर्मों से (समु अस्वरन्) = सम्यक् स्तुत करती हैं। इन ज्ञानपूर्वक होनेवाले कर्मों में तेरी ही महिमा दिखती है । [२] हे सोम ! ये ज्ञान नदियाँ (विवस्वतः) = इस ज्ञान की किरणोंवाले ज्ञानी पुरुष के (आजा) = काम, क्रोध, लोभ आदि शत्रुओं के साथ चलनेवाले अध्यात्म-संग्राम में (वि-प्रम्) = विशेषरूप से पूरण करनेवाले तेरा ही स्तवन करती हैं।
Connotation: - भावार्थ- सोम हमारा विशेष रूप से पूरण करनेवाला है। यही ज्ञान प्रवाहों को जन्म देनेवाला है ।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - हे परमात्मन् ! (विप्रम्) सर्वज्ञं (त्वा) भवन्तं (सप्तजामयः) ज्ञानेन्द्रियाणां सप्त छिद्राणि (धीभिः) बुद्ध्या (समु) सम्यक् (अस्वरन्) शब्दायमानानि (विवस्वतः) यज्ञकर्तुः (आजा) यज्ञे (हिन्वतीः) प्रेरयन्ति ॥८॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O Soma, spirit of peace, power and bliss, seven streams of Prakrti, seven metres of divine poetry, seven notes of music, all in their functions and vitality in unison, glorify you, vibrant spirit of existence, in the dynamics of the light of life on the vedi of sacred fire.
