आ न॑ इन्दो म॒हीमिषं॒ पव॑स्व वि॒श्वद॑र्शतः । अ॒स्मभ्यं॑ सोम गातु॒वित् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
ā na indo mahīm iṣam pavasva viśvadarśataḥ | asmabhyaṁ soma gātuvit ||
Pad Path
आ । नः॒ । इ॒न्दो॒ इति॑ । म॒हीम् । इष॑म् । पव॑स्व । वि॒श्वऽद॑र्शतः । अ॒स्मभ्य॑म् । सो॒म॒ । गा॒तु॒ऽवित् ॥ ९.६५.१३
Rigveda » Mandal:9» Sukta:65» Mantra:13
| Ashtak:7» Adhyay:2» Varga:3» Mantra:3
| Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:13
Reads 360 times
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्दो) हे सर्वप्रकाशक परमात्मन् ! आप (विश्वदर्शतः) सम्पूर्ण विश्व के प्रकाशक हैं और (महीमिषं) सर्वैश्वर्यसम्पन्न हैं। (सोम) हे सर्वोत्पादक परमात्मन् ! आप (अस्मभ्यं) हम लोगों के (गातुवित्) सम्पूर्ण ज्ञातव्य पदार्थों के ज्ञाता हैं, (नः) हमको (आ पवस्व) सब प्रकार से पवित्र करिए ॥१३॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करता है कि हे मनुष्यों ! तुमको अपनी पवित्रता की प्रार्थना केवल उसी देव से करनी चाहिये, जो सर्व ब्रह्माण्डों का ज्ञाता और सर्वोत्पादक है ॥१३॥
Reads 360 times
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'विश्वदर्शत- गातुवित्' सोम
Word-Meaning: - [१] हे (इन्दो) = हमें शक्तिशाली बनानेवाले सोम ! तू (विश्वदर्शतः) = हमें सब वस्तुतत्त्वों का ज्ञान देनेवाला है । (नः) = हमारे लिये (महीं इषम्) = महनीय प्रभु-प्रेरणा को (आपवस्व) = सर्वथा प्राप्त करा । तेरे द्वारा निर्मल हृदय होकर हम प्रभु की प्रेरणा को सुननेवाले बनें। [२] (अस्मभ्यम्) = हमारे लिये, हे (सोम) = वीर्यशक्ते ! तू (गातुवित्) = मार्ग का ज्ञान देनेवाली है। इसके रक्षण से ही बुद्धि सूक्ष्म विषयों का विवेक कर पाती है और हम निर्मल हृदय होकर हृदयस्थ प्रभु की प्रेरणा को सुन पाते हैं। इस प्रकार जीवन के मार्ग को हम देखते हैं।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम हमें सब वस्तुतत्त्वों का ज्ञान देता है और मार्ग का दर्शन कराता है।
Reads 360 times
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्दो) सर्वैश्वर्यसम्पन्नपरमात्मन् ! भवान् (विश्वदर्शतः) सकलसंसारदीपकोऽस्ति। अथ च (महीमिषं) समस्तैश्वर्यसम्पन्नोऽस्ति। (सोम) सर्वजनकपरमात्मन् ! भवान् (अस्मभ्यं) अस्माकं (गातुवित्) सर्वज्ञोऽस्ति (नः) अस्मान् (आ पवस्व) सर्वथा पवित्रयतु ॥१३॥
Reads 360 times
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Indu, lord of peace, purity and bliss, light of the world for universal humanity, bring us showers of peace and purity, food and energy, power and prosperity, and knowledge of the world in great abundance. O Soma, you are the absolute master of all the ways of the world and unfailing guide for us.
