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ते विश्वा॑ दा॒शुषे॒ वसु॒ सोमा॑ दि॒व्यानि॒ पार्थि॑वा । पव॑न्ता॒मान्तरि॑क्ष्या ॥

English Transliteration

te viśvā dāśuṣe vasu somā divyāni pārthivā | pavantām āntarikṣyā ||

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Pad Path

ते । विश्वा॑ । दा॒शुषे॑ । वसु॑ । सोमाः॑ । दि॒व्यानि॑ । पार्थि॑वा । पव॑न्ताम् । आ । अ॒न्तरि॑क्ष्या ॥ ९.६४.६

Rigveda » Mandal:9» Sukta:64» Mantra:6 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:37» Mantra:1 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:6


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (ते सोमाः) पूर्वोक्त गुणसम्पन्न परमात्मा (दिव्यानि) द्युलोक के (पार्थिवा) पृथिवीलोक के (अन्तरिक्ष्या) अन्तरिक्षलोक के (विश्वा) सब (वसु) धन (दाशुषे) जिज्ञासु वेदानुयायियों को (आ पवन्ताम्) दें ॥६॥
Connotation: - जो लोग परमात्मा की आज्ञा का पालन करते हैं, परमात्मा उनको सब प्रकार के ऐश्वर्य प्रदान करता है ॥६॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'ज्ञान शक्ति व निर्मलता'

Word-Meaning: - [१] (ते सोमाः) = वे सोमकण (दाशुषे) = अपना सोमरक्षण के प्रति अर्पण करनेवाले मनुष्य के लिये, सोमरक्षण को ही ध्येय बना लेनेवाले के लिये, (विश्वा वसु) = सब वसुओं को [धनों को] (पवन्ताम्) = प्राप्त करायें। [२] उन वसुओं को, जो कि (दिव्यानि) = मस्तिष्क रूप द्युलोक से सम्बद्ध हैं, पार्थिवा शरीर रूप पृथिवीलोक से सम्बद्ध हैं, और (आन्तरिक्ष्या) = जो हृदयरूप अन्तरिक्षलोक से सम्बद्ध हैं। दिव्य वसु 'ज्ञान' है, पार्थिव वसु 'शक्ति' है तथा आन्तरिक्ष्य वसु 'निर्मलता' है । सोमरक्षण से ही इनकी प्राप्ति होती है ।
Connotation: - भावार्थ- हम सोमरक्षण द्वारा 'ज्ञान, शक्ति व निर्मलता' की प्राप्ति हो ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (ते सोमाः) प्रागुक्तगुणसम्पन्नः परमात्मा (दिव्यानि) द्युलोकभवानि (पार्थिवा) पृथिवीस्थानि (अन्तरिक्ष्या) अन्तरिक्षभवानि (विश्वा) सम्पूर्णानि (वसु) धनानि (दाशुषे) वेदानुयायिभ्यः (आ पवन्ताम्) ददातु ॥६॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - May the soma spirits of nature and humanity initiate, purify and direct all world’s wealth, honour and excellence, peace and progress, of earthly, heavenly and middle order of the skies to flow to the generous and creative people of yajna and self-sacrifice.