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पु॒ना॒नः सो॑म॒ धार॒येन्दो॒ विश्वा॒ अप॒ स्रिध॑: । ज॒हि रक्षां॑सि सुक्रतो ॥

English Transliteration

punānaḥ soma dhārayendo viśvā apa sridhaḥ | jahi rakṣāṁsi sukrato ||

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Pad Path

पु॒ना॒नः । सो॒म॒ धार॑या । इन्दो॒ इति॑ । विश्वा॑ । अप॑ । स्रिधः॑ । ज॒हि । रक्षां॑सि । सु॒क्र॒तो॒ इति॑ सुऽक्रतो ॥ ९.६३.२८

Rigveda » Mandal:9» Sukta:63» Mantra:28 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:35» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:28


ARYAMUNI

Word-Meaning: - हे सौम्य स्वभाववाले विद्वन् ! आप (धारया) आनन्दवृष्टि से (पुनानः) हमको पवित्र करते हुए (विश्वा अपस्रिधः) सम्पूर्ण धर्मविरोधियों का (जहि) नाश करो, (रक्षांसि) जो राक्षस शुभ कर्मों के नाशक हैं। हे सुक्रतो ! अनाचारियों का नाश करो ॥२८॥
Connotation: - धीरवीरतादि गुणसम्पन्न शूरवीर दुराचारी राक्षसों का नाश करके देश में सदाचार का प्रचार करता है ॥२८॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

रक्षांसि अपजहि

Word-Meaning: - [१] हे (सोम) = वीर्यशक्ते ! (इन्दो) = हमें शक्तिशाली बनानेवाले ! तू (पुनानः) = हमारे जीवनों को पवित्र करता हुआ धारया अपनी धारणशक्ति से (विश्वाः) = सब (स्त्रिधः) = हिंसक शत्रुओं को (अपजहि-इ) = सुदूर विनष्ट करनेवाला हो। [२] हे (सुक्रतो) = उत्तम शक्ति व प्रज्ञानवाले सोम ! तू (रक्षांसि) = राक्षसी भावों को विनष्ट करनेवाला बन ।
Connotation: - भावार्थ- सुररिक्षत सोम हमारे शत्रुओं को विनष्ट करनेवाला हो। इसके रक्षण से राक्षसी भाव हमारे से दूर हों ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे सौम्यस्वभाव विद्वन् ! भवान् (धारया) आमोदवृष्ट्या (पुनानः) पवित्रयन् (विश्वा अपस्रिधः) समस्तान् धर्मविरोधिनः (रक्षांसि) राक्षसान् (जहि) नाशयतु (इन्दो) हे प्रकाशस्वरूप ! (सुक्रतो) हे यज्ञस्वरूप ! भवान् अनाचारिनाशं करोतु ॥२८॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Soma, creative divinity, bright, blissful and dynamic, pure and purifying spirit of holy action, flow by the stream and shower of life and grace, ward off all hurdles of negativity and eliminate all evil forces of destruction.