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यास्ते॒ धारा॑ मधु॒श्चुतोऽसृ॑ग्रमिन्द ऊ॒तये॑ । ताभि॑: प॒वित्र॒मास॑दः ॥

English Transliteration

yās te dhārā madhuścuto sṛgram inda ūtaye | tābhiḥ pavitram āsadaḥ ||

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Pad Path

याः । ते॒ । धाराः॑ । म॒धु॒ऽश्चुतः॑ । असृ॑ग्रम् । इ॒न्दो॒ इति॑ । ऊ॒तये॑ । ताभिः॑ । प॒वित्र॑म् । आ । अ॒स॒दः॒ ॥ ९.६२.७

Rigveda » Mandal:9» Sukta:62» Mantra:7 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:25» Mantra:2 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:7


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे कर्मप्रधान सेनापति ! (याः) जो (मधुश्चुतः) आनन्द की वर्षा करनेवाली आपकी (धाराः) अनेक शाखाएँ (ऊतये) प्रजाओं के रक्षणार्थ (असृग्रम्) इधर-उधर फैली हुई हैं (ताभिः) उनसे (पवित्रम्) सत्कर्मी को (आसदः) अनुगृहीत करिये ॥७॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करता है कि सेनाधीश अपनी सुरक्षारूप वृष्टि से प्रजाओं को आनन्द से सुसिञ्चित करे ॥७॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

मधुश्श्रुतः धाराः

Word-Meaning: - [१] हे (इन्दो) = सोम ! (याः) = जो (ते) = तेरी (धारा:) = धारणशक्तियाँ (मधुश्चतः) = शरीर में माधुर्य को क्षरित करनेवाली, (ऊतये) = रक्षण के लिये (असृग्रम्) = उत्पन्न की जाती हैं, (ताभिः) = उन धाराओं से (पवित्रम्) = पवित्र हृदयवाले पुरुष में तू (आसदः) = आसीन हो। [२] शरीर में सुरक्षित हुआ-हुआ सोम [क] जीवन में माधुर्य को उत्पन्न करता है। [ख] यह शरीर के रक्षण के लिये होता है, रोगकृमियों के विनाश के द्वारा शरीर को सुरक्षित करता है। यह सोम हृदय की पवित्रता के होने पर शरीर में सुरक्षित होता है।
Connotation: - भावार्थ–पवित्र हृदयवाले पुरुष में सोम का रक्षण होता है। रक्षित हुआ हुआ यह सोम शरीर का रक्षण करता है। जीवन में माधुर्य को उत्पन्न करता है ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे कर्मप्रधानसेनापते ! (याः) याः (मधुश्चुतः) मोदवृष्टिकारिण्यो त्वदीयाः (धाराः) बह्व्यः शाखाः (ऊतये) जनरक्षणाय (असृग्रम्) इतस्ततो व्याप्ताः सन्ति (ताभिः) ताभिः (पवित्रम्) सत्कर्म कुर्वाणम् (आसदः) अनुगृहाण ॥७॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Soma, spirit of ambition, action and glory of life, the honey sweet streams of your ecstasy flow for the protection and sanctification of life. With those streams come and flow in the holy yajnic hall of action.