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इन्द्रा॒येन्दुं॑ पुनीतनो॒ग्रं दक्षा॑य॒ साध॑नम् । ई॒शा॒नं वी॒तिरा॑धसम् ॥

English Transliteration

indrāyendum punītanograṁ dakṣāya sādhanam | īśānaṁ vītirādhasam ||

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Pad Path

इन्द्रा॑य । इन्दु॑म् । पु॒नी॒त॒न॒ । उ॒ग्रम् । दक्षा॑य । साध॑नम् । ई॒शा॒नम् । वी॒तिऽरा॑धसम् ॥ ९.६२.२९

Rigveda » Mandal:9» Sukta:62» Mantra:29 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:29» Mantra:4 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:29


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - हे प्रजालोगो ! जो कि (उग्रम्) महातेजस्वी है और (दक्षाय साधनम्) जिसके द्वारा तुम लोग दक्ष अर्थात् सर्व कार्यों में कुशल हो सकते हो और जो (ईशानम्) स्वयं परमैश्वर्य को प्राप्त करने में समर्थ है और (वीतिराधसम्) जो सब प्रकार के ऐश्वर्यों का दाता है, ऐसे (इन्दुम्) अपने ऐश्वर्यशाली सेनाधीश को (इन्द्राय)  ऐश्वर्यसम्पन्न होने के लिये (पुनीतन) सब सम्मिलित होकर यथाशक्ति उपसेवन करो ॥२९॥
Connotation: - इस मन्त्र में सेनापति की आज्ञापालन करना कथन किया गया है। जो लोग ऐश्वर्यशाली होना चाहें, वे अपने सेनाधीश की आज्ञा का पालन करें ॥२९॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

ईशानं वीतिराधसम्

Word-Meaning: - [१] (इन्द्राय) = उस परमैश्वर्यशाली प्रभु की प्राप्ति के लिये (इन्दुम्) = इस सोम को (पुनीतन) = पवित्र करो । यह पवित्र सोम ही ज्ञानदीप्ति का साधन बनकर प्रभु-दर्शन कराता है । उस सोम को पवित्र करो, जो कि (उग्रम्) = अत्यन्त तेजस्वी है, रोगकृमियों के लिये भयंकर है । (दक्षाय) = [ growth] उन्नति व विकास के लिये (साधनम्) = साधनभूत है। [२] उस सोम को पवित्र करो, जो कि (ईशानम्) = सब ऐश्वर्यों का स्वामी है, सब अन्नमय आदि कोशों को ऐश्वर्य से परिपूर्ण करनेवाला है। (वीतिराधसम्) = [वी कान्तौ] दीप्त धनोंवाला है ।
Connotation: - भावार्थ- हम सोम को पवित्र करें जो कि हमें 'उग्र [तेजस्वी ] उन्नत व ऐश्वर्यशाली' बनाता है ।
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - हे प्रजावर्ग ! यो हि (उग्रम्) अत्यन्ततेजस्वी अस्ति अथ च (दक्षाय साधनम्) येन भवन्तः समस्तकृत्येषु कौशलत्वं प्राप्तुं शक्नुवन्ति, अथ च यः (ईशानम्) स्वयमेवैश्वर्यप्रापणे प्रभुरस्ति, तथा (वीतिराधसम्) यश्च सर्वविधैश्वर्यदातास्ति एवं भूतम् (इन्दुम्) ऐश्वर्यशालिनं स्वकीयं सेनाधिपतिं (इन्द्राय) सर्वैश्वर्यसम्पन्नतायै (पुनीतन) सङ्घीभूय यथाशक्त्युपसेवनं कुर्वन्तु ॥२९॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O people of the earth, performers of soma yajna, create, purify and energise the bright soma of passion, peace and vision of life in honour of Indra, ruler, versatile achiever and provider of the means and modes of life for all round happiness and well being.