पव॑स्व वा॒चो अ॑ग्रि॒यः सोम॑ चि॒त्राभि॑रू॒तिभि॑: । अ॒भि विश्वा॑नि॒ काव्या॑ ॥
English Transliteration
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pavasva vāco agriyaḥ soma citrābhir ūtibhiḥ | abhi viśvāni kāvyā ||
Pad Path
पव॑स्व । वा॒चः । अ॒ग्रि॒यः । सोम॑ । चि॒त्राभिः॑ । ऊ॒तिऽभिः॑ । अ॒भि । विश्वा॑नि । काव्या॑ ॥ ९.६२.२५
Rigveda » Mandal:9» Sukta:62» Mantra:25
| Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:28» Mantra:5
| Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:25
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सोम) हे सौम्य ! (अग्रियः) आप जो कि हम लोगों में अग्रणी हैं, इससे (चित्राभिः ऊतिभिः) अनेक प्रकार की विचित्र रक्षाओं से (वाचः) अपनी आज्ञाविषयक वाणी को तथा (विश्वानि काव्या) सम्पूर्ण वेदादि काव्यों को (अभिरक्ष) सुरक्षित कीजिये ॥२५॥
Connotation: - इस मन्त्र में परमेश्वर से रक्षार्थ प्रार्थना की गई है ॥२५॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'अग्रिय' सोम
Word-Meaning: - [१] हे सोम ! तू हमारे लिये (चित्राभिः ऊतिभिः) = अद्भुत रक्षणों के हेतु से (वाचः) = ज्ञान की वाणियों को (पवस्व) = प्राप्त करा। (अग्रियः) = तू हमारी अग्रगति का साधन है । सब उन्नतियों का तू मूल यह सोमरक्षण ही है। [२] तू (विश्वानि काव्या अभि) = सब प्रभु की वेदवाणियों की ओर हमें ले चल ‘देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति' । सोमरक्षण के द्वारा दीप्त बुद्धि बनकर हम ज्ञान की वाणियों को प्राप्त करें।
Connotation: - भावार्थ- ज्ञान की वाणियों की ओर ले चलता हुआ यह सोम हमें उन्नतिपथ पर ले चलता है, यह 'अग्रिय' है ।
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सोम) हे सौम्यस्वभावशालिन् ! (अग्रियः) यतोऽस्मास्वग्रणीर्भवान् अतः (चित्राभिः ऊतिभिः) बहुविधविचित्ररक्षाभिः (वाचः) स्वाज्ञाविषयिणीं वाचम् तथा (विश्वानि काव्या) समस्तवेदादिकाव्यानि (अभिरक्ष) सुरक्षयतु ॥२५॥
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DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O Soma, you are the leading light. With various and wonderful modes of protection and preservation, purify and sanctify the speech of humanity and let it flow free and fine. Be the same preserver, sanctifier and promoter of all the art and literature of the world.
