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उपो॒ षु जा॒तम॒प्तुरं॒ गोभि॑र्भ॒ङ्गं परि॑ष्कृतम् । इन्दुं॑ दे॒वा अ॑यासिषुः ॥

English Transliteration

upo ṣu jātam apturaṁ gobhir bhaṅgam pariṣkṛtam | induṁ devā ayāsiṣuḥ ||

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Pad Path

उपो॒ इति॑ । सु । जा॒तम् । अ॒प्ऽतुर॑म् । गोभिः॑ । भ॒ङ्गम् । परि॑ऽकृतम् । इन्दु॑म् । दे॒वाः । अ॒या॒सि॒षुः॒ ॥ ९.६१.१३

Rigveda » Mandal:9» Sukta:61» Mantra:13 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:20» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:13


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सुजातम्) सुन्दर संस्कारयुक्त (अप्तुरम्) अनेक कर्मों का प्रेरक (गोभिः परिष्कृतम्) शुद्ध इन्द्रियोंवाला (भङ्गम्) शत्रुओं का भञ्जक जो (इन्दुम्) परम प्रकाशवाला कर्मयोगी है, उसका (देवाः) अपनी अभ्युन्नति चाहनेवाले लोग (अयासिषुः) अनुसरण करते हैं ॥१३॥
Connotation: - अभ्युदयाभिलाषी जनों को चाहिये कि वे उक्तगुणवाले कर्मयोगी का आश्रयण करें ॥१३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'असुर' सोम

Word-Meaning: - [१] (इन्दुम्) = सोम को (देवाः) = देववृत्तिवाले पुरुष (उ) = निश्चय से (उप अयासिषुः) = समीपता से प्राप्त होते हैं । उस सोम को जो कि (सुजातम्) = उत्तम विकास का साधन है [ शोभनं जातं यस्मात् ], (अप्तुरम्) = जो कर्मों को त्वरा के साथ करानेवाला है। जिससे शरीर में स्फूर्ति उत्पन्न होती है । [२] (भगम्) = जो शत्रुओं का विदारण करनेवाला है, सोमरक्षण से काम-क्रोध आदि शत्रु भाग जाते हैं । यह सोम (गोभिः) = ज्ञान की वाणियों से (परिष्कृतम्) = अलंकृत होता है । सोमरक्षण से ज्ञानाग्नि दीप्त होती है और हम इन ज्ञान की वाणियों से अपने मस्तिष्क को सुभूषित करनेवाले होते हैं ।
Connotation: - भावार्थ- देववृत्ति के बनके हम सोम का रक्षण करें। इससे हमारी शक्तियों का विकास होगा, स्फूर्ति मिलेगी, काम-क्रोध आदि का विनाश होगा, ज्ञान से हम दीप्त हो उठेंगे।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सुजातम्) सुसंस्कारयुक्तः (अप्तुरम्) अनेकविधकर्मणां प्रेरकः (गोभिः परिष्कृतम्) शुद्धेन्द्रियवान् (भङ्गम्) शत्रुभञ्जकः यः (इन्दुम्) परमप्रकाशवान् कर्मयोग्यस्ति तस्य (देवाः) स्वाभ्युदयेच्छुका जनाः (अयासिषुः) अनुसरणं कुर्वन्ति ॥१३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Soma, spirit of beauty, grace and glory, divinely created, nobly bom, zealous, destroyer of negativity, beatified and celebrated in songs of divine voice, the noblest powers of nature and humanity adore, share and enjoy.