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स म॑र्मृजा॒न आ॒युभि॒रिभो॒ राजे॑व सुव्र॒तः । श्ये॒नो न वंसु॑ षीदति ॥
English Transliteration
Mantra Audio
sa marmṛjāna āyubhir ibho rājeva suvrataḥ | śyeno na vaṁsu ṣīdati ||
Pad Path
सः । म॒र्मृजा॒नः । आ॒युऽभिः॑ । इभः॑ । राजा॑ऽइव । सु॒ऽव्र॒तः । श्ये॒नः । न । वंसु॑ । सी॒द॒ति॒ ॥ ९.५७.३
Rigveda » Mandal:9» Sukta:57» Mantra:3
| Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:14» Mantra:3
| Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:3
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सुव्रतः इभः राजा इव) सुन्दर अनुशासनवाले निर्भीक राजा के समान (सः) वह परमात्मा (आयुभिः मर्मृजानः) ऋत्विजों द्वारा स्तुति किया गया (श्येनः वंसु न) जिस प्रकार विद्युदादि शक्तियें सूक्ष्म पदार्थों में रहती हैं, उस प्रकार (सीदति) वह उनके हृदय में अधिष्ठित होता है ॥३॥
Connotation: - जैसे ब्रह्माण्डगत प्रत्येक पदार्थ में विद्युत् व्याप्त है, इसी प्रकार परमात्मशक्ति भी सर्वत्र व्याप्त है ॥३॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
निर्भयता - सुक्र्तता-ऐश्वर्य
Word-Meaning: - [१] (सः) = वह सोम (आयुभिः) = गतिशील पुरुषों से (मर्मृजान:) = शुद्ध किया जाता है। कर्म में लगे रहना ही वासनाओं से आक्रान्त न होने का उपाय है। वासनाओं से आक्रान्त न होने पर ही सोम का रक्षण होता है एवं गतिशील पुरुष सदा कर्मों में प्रवृत्त पुरुष इस सोम का रक्षण कर पाते हैं। [२] यह सोम (इभः) = [ गतभयः] भयों से रहित है। इसके रक्षण के होने पर शरीर में आधि-व्याधि के आक्रमण का भय नहीं रहता । [३] यह (सुव्रतः) = उत्तम व्रतोंवाले (राजा इव) = राजा के समान है। इसके सुरक्षित होने पर हमारे कर्म उत्तम होते हैं तथा यह हमें दीप्त जीवनवाला बनाता है [राज् दीप्तौ] एक राजा अपने ऐश्वर्य से ही चमकता है, पर यदि साथ ही वह उत्तम कर्मोंवाला हो तो उसकी शोभा खूब ही बढ़ जाती है । यह सोमरक्षण हमें 'सुव्रत राजा' के समान बनाता है। [४] (श्येनः न) = एक गतिशील पुरुष की तरह यह सोम (वंसु) = सम्भजनीय ऐश्वर्यों में (सीदति) = स्थित होता है । सब ऐश्वर्यों को प्राप्त करानेवाला यह सोम ही है। गतिशीलता हमें सोमरक्षण के योग्य बनाती है । सुरक्षित सोम हमारे लिये ऐश्वर्य को प्राप्त करानेवाला है।
Connotation: - भावार्थ- गतिशील बने रहने से, वासनाओं से आक्रान्त न होने के कारण हम सोम का रक्षण कर पाते हैं। सुरक्षित सोम हमें (क) रोगादि के भय से बचाता है, (ख) हमें सुव्रत बनाकर शोभायुक्त करता है, (ग) सब ऐश्वर्यों को प्राप्त कराता है।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सुव्रतः इभः राजा इव) शोभनानुशासनकर्तृनिर्भीकनृपतिरिव (सः) असौ परमात्मा (आयुभिः मर्मृजानः) ऋत्विग्भिः स्तुतः (श्येनः वंसु न) यथा विद्युदादयः सूक्ष्मेषु पदार्थेषु तिष्ठन्ति तथैव (सीदति) स ईश्वरस्तेषामन्तःकरणे अधितिष्ठति ॥३॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Soma, adored and glorified by people, as a self- controlled, powerful and brilliant ruler ever awake and unfailing power, pervades in the human common-wealth and the entire world of sustenance.
