इन्दो॒ यथा॒ तव॒ स्तवो॒ यथा॑ ते जा॒तमन्ध॑सः । नि ब॒र्हिषि॑ प्रि॒ये स॑दः ॥
English Transliteration
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indo yathā tava stavo yathā te jātam andhasaḥ | ni barhiṣi priye sadaḥ ||
Pad Path
इन्दो॒ इति॑ । यथा॑ । तव॑ । स्तवः॑ । यथा॑ । ते॒ । जा॒तम् । अन्ध॑सः । नि । ब॒र्हिषि॑ । प्रि॒ये । स॒दः॒ ॥ ९.५५.२
Rigveda » Mandal:9» Sukta:55» Mantra:2
| Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:12» Mantra:2
| Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:2
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमात्मन् ! (यथा तव स्तवः) जिस प्रकार आपका यश संसारभर में व्याप्त है और (यथा ते अन्धसः जातम्) जिस प्रकार अन्नादि पदार्थों का समूह आप ही ने रचा है, उसी प्रकार (निषदः प्रिये बर्हिषि) जो आपका प्रिय यज्ञस्थल है, उसमें आकर आप विराजमान होवें ॥२॥
Connotation: - परमात्मा यज्ञादि स्थानों को अपने विचित्र भावों से विभूषित करता है ॥२॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
सोमरक्षण के दो प्रमुख साधन
Word-Meaning: - [१] हे (इन्दो) = सोम ! (यथा तव स्तवः) = जिस प्रकार हम तेरा स्तवन करनेवाले हैं, और (यथा) = जिस प्रकार (ते) = तेरा (अन्धसः) = सोम्य अन्न के द्वारा (जातम्) = विकास व प्रादुर्भाव हुआ है तू प्रिये पवित्रता के कारण प्रीति कर (बर्हिषि) = वासनाशून्य हृदय में (निषदः) = आसीन हो । [२] सोमरक्षण के दो साधन हैं— [क] एक तो हम सोम का स्तवन करते हुए सोमरक्षण के महत्त्व को समझें और सोमरक्षण के लिये प्रबल आकांक्षावाले हों। [ख] और इस सोमरक्षण के उद्देश्य से सदा सात्त्विक अन्न का ही सेवन करें। सोम्य अन्न के भक्षण से उत्पन्न हुआ हुआ सोम अवश्य शरीर में सुरक्षित रहेगा। 'जैसा अन्न वैसा मन' [आहारशुद्धौ सत्वशुद्धिः ] अन्तःकरण की शुद्धि से यह सोम शरीर में ही व्याप्त होगा ।
Connotation: - भावार्थ- हम सोमरक्षण के महत्त्व का ध्यान करें और इसके रक्षण के उद्देश्य से सोम्य अन्नों का ही सेवन करें।
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमेश्वर ! (यथा तव स्तवः) येन प्रकारेण भवद्यशः सर्वस्मिन् संसारे व्याप्नोति अथ च (यथा ते अन्धसः जातम्) येन प्रकारेणान्नादिपदार्थानां राशिर्भवतैव निर्मितः तेनैव प्रकारेण (निषदः प्रिये बर्हिषि) यदिह भवतः प्रियं यज्ञपदं तस्मिन् आगत्य विराजताम् ॥२॥
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DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O lord of beauty and grace, as you pervade your own glory of adoration, your own creation, power and nourishments of food and inspiration, so pray come, bless our vedi of yajna, our life and work through the world.
