कृ॒तानीद॑स्य॒ कर्त्वा॒ चेत॑न्ते दस्यु॒तर्ह॑णा । ऋ॒णा च॑ धृ॒ष्णुश्च॑यते ॥
English Transliteration
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kṛtānīd asya kartvā cetante dasyutarhaṇā | ṛṇā ca dhṛṣṇuś cayate ||
Pad Path
कृ॒तानि॑ । इत् । अ॒स्य॒ । कर्त्वा॑ । चेत॑न्ते । द॒स्यु॒ऽतर्ह॑णा । ऋ॒णा । च॒ । धृ॒ष्णुः । च॒य॒ते॒ ॥ ९.४७.२
Rigveda » Mandal:9» Sukta:47» Mantra:2
| Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:4» Mantra:2
| Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:2
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - विद्वान् लोग (अस्य इत्) इस परमात्मा के (दस्युतर्हणा कृतानि कर्त्वा) दुष्टनाशनरूप किये हुये कर्म्मों का (चेतन्ते) स्मरण करते हैं (धृष्णुः) और स्वयंशासक वह परमात्मा (ऋणा च चयते) देवऋणादि तीनों ऋणों के उद्धार का उपदेश करता है ॥२॥
Connotation: - देवऋण, पितृऋण, ऋषिऋण इन तीन ऋणों को उतारने योग्य वही पुरुष हो सकता है, जो परमात्माज्ञापालन करता हुआ उद्योगी बनता है ॥२॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
ऋण चयण
Word-Meaning: - (अस्य) = इस सोम के (दस्युतर्हणा) = दुष्ट विचारों को नष्ट करनेवाले (कर्त्वा) = कर्त्तव्य और (कृतानि इत) = किये कार्य भी चेतन्ते सब जानते हैं। (धृष्णु) = शत्रुओं का घर्षण करनेवाला [कामादि का विजेता] ॠणा च चयते सद्गुणों का संचय भी करता है ।
Connotation: - भावार्थ- सोमी दुष्ट विचारों का शमन तथा सद्विविचारों का संग्रह करता है।
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - विद्वज्जनाः (अस्य इत्) अस्य परमात्मनः (दस्युतर्हणा कृतानि कर्त्वा) दुष्टहननरूपाणि कर्माणि (चेतन्ते) संस्मरन्ति। (धृष्णुः) अथ च स्वयंशास्ता स जगदाधारः (ऋणा च चयते) देवर्षिपितॄणां ऋणोद्धारमुपदिशति ॥२॥
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DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - The deeds done and to be done by this Soma, by which he destroys negativities and dispels darkness are known, and, daring and powerful, he acquits the celebrants of debts and obligations.
