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त्वया॑ वी॒रेण॑ वीरवो॒ऽभि ष्या॑म पृतन्य॒तः । क्षरा॑ णो अ॒भि वार्य॑म् ॥

English Transliteration

tvayā vīreṇa vīravo bhi ṣyāma pṛtanyataḥ | kṣarā ṇo abhi vāryam ||

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Pad Path

त्वया॑ । वी॒रेण॑ । वी॒र॒ऽवः॒ । अ॒भि । स्या॒म॒ । पृ॒त॒न्य॒तः । क्षर॑ । नः॒ । अ॒भि । वार्य॑म् ॥ ९.३५.३

Rigveda » Mandal:9» Sukta:35» Mantra:3 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:25» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:3


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (वीरवः) हे वीरों के अधिपति परमात्मन् ! (वीरेण त्वया) सर्वोपरि पराक्रमवाले आपके द्वारा हम (पृतन्यतः अभिष्याम) संग्राम की इच्छा करनेवाले शत्रुओं को पराजित करें (नः वार्यम् अभिक्षर) आप हमको अभिलषित पदार्थों को दीजिये ॥३॥
Connotation: - जो लोग अन्यायकारी शत्रुओं के विजय करने का संकल्प रखते हैं, परमात्मा उन्हें अन्यायकारियों के दमन का बल प्रदान करता है, ताकि अन्यायकारियों को मर्दन करके वे संसार में न्याय का प्रचार करें ॥३॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

अभिष्याम पृतन्यतः

Word-Meaning: - [१] हे (वीरवः) = वीरोंवाले सोम, वीरता के कार्यों को करनेवाले सोम ! वीरेण सब शत्रुओं को कम्पित करनेवाले (त्वया) = तेरे द्वारा (पृतन्यतः) = हमारे पर आक्रमण करनेवाले रोगों व वासनारूप शत्रुओं को (अभिष्याम) = हम अभिभूत करनेवाले हों । इनको पराजित करके हम शरीर में नीरोग व मन में निर्मल बनें। [२] (नः) = हमारे लिये (वार्यम्) = वरणीय वस्तुओं को (अभिक्षर) = प्राप्त करा । सोम रक्षित होने पर सब अवाञ्छनीय तत्त्वों को विनष्ट करके हमें शरीर में दृढ़ता, मन में निर्मलता व मस्तिष्क में दीप्ति को प्राप्त कराता है।
Connotation: - भावार्थ- हम सोम के रक्षण के द्वारा आक्रमण करनेवाले रोगों व वासनारूप शत्रुओं को विनष्ट करें और सब वरणीय धनों को प्राप्त करें ।
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (वीरवः) हे वीराणामधिपते परमात्मन् ! (वीरेण त्वया) सर्वोत्तमपराक्रमवता भवता वयं (पृतन्यतः अभिष्याम) सङ्ग्राममिच्छतः शत्रून् पराजयेम (नः वार्यम् अभिक्षर) त्वमस्मभ्यं प्रार्थनीयं पदार्थं देहि ॥३॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - By your heroic gift of bravery and fortitude, let us win our rivals, contestants and enemies. Let choice wealth, honour and excellence flow to us.