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इन्दो॑ समुद्रमीङ्खय॒ पव॑स्व विश्वमेजय । रा॒यो ध॒र्ता न॒ ओज॑सा ॥
English Transliteration
Mantra Audio
indo samudramīṅkhaya pavasva viśvamejaya | rāyo dhartā na ojasā ||
Pad Path
इन्दो॒ इति॑ । स॒मु॒द्र॒म्ऽई॒ङ्ख॒य॒ । पव॑स्व । वि॒श्व॒म्ऽए॒ज॒य॒ । रा॒यः । ध॒र्ता । नः॒ । ओज॑सा ॥ ९.३५.२
Rigveda » Mandal:9» Sukta:35» Mantra:2
| Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:25» Mantra:2
| Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:2
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमैश्वर्यशाली परमात्मन् ! (समुद्रमीङ्खय) हे अन्तरिक्षादि लोकों में व्याप्त ! (विश्वमेजय ओजसा) हे अपने प्रताप से संसार को चकित करनेवाले ! (रायः धर्ता) आप सम्पूर्ण धनादि एश्वर्यों को धारण करनेवाले हैं (नः पवस्व) आप हमको धनादि ऐश्वर्य का दान करके पवित्र करिये ॥२॥
Connotation: - परमात्मा की कृपा से ही धनादि सब ऐश्वर्य पुरुष को प्राप्त होते हैं, इसलिये पुरुष को सदैव परमात्मपरायण होने का यत्न करना चाहिये ॥२॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
समुद्रमीय - विश्वमेजय
Word-Meaning: - [१] हे (इन्दो) = सोम ! शक्ति को बढ़ानेवाले वीर्य, (समुद्रमीङ्खय) = जो तू हमारे अन्दर ज्ञान- समुद्र को प्रेरित करनेवाला है, ज्ञानाग्नि का ईंधन बनकर ज्ञानाग्नि को दीप्त करनेवाला है तथा जो तू (विश्वमेजय) = शरीर में प्रविष्ट हो जानेवाले रोगकृमियों को कम्पित करनेवाला है, वह तू (नः) = हमारे लिये (ओजसा) = ओजस्विता के साथ (रायः धार्ता) = ज्ञानैश्वर्य का धारण करनेवाला है। [२] यह सोम 'विश्वमेजय' है, रोगकृमियों को कम्पित करके हमें नीरोग बनाता है। नीरोग बनाकर यह हमें ओजस्वी करता है, हमारे ओज को बढ़ानेवाला होता है। यह 'समुद्रमीङ्खय' है, ज्ञान-समुद्र को हमारे अन्दर प्रेरित करनेवाला है । इस प्रकार यह हमारे ज्ञानैश्वर्य को बढ़ाता है ।
Connotation: - भावार्थ - यह सोम ज्ञान-समुद्र को प्रेरित करनेवाला है तथा शरीर में प्रविष्ट हो जानेवाले रोगकृमियों को कम्पित करके हमारे से दूर करनेवाला है ।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमैश्वर्यशालिन् (समुद्रमीङ्खय) हे अन्तरिक्षादौ व्याप्त (विश्वमेजय ओजसा) हे स्वप्रतापेन लोकमाश्चर्ययन् ! त्वं (रायः धर्ता) सम्पूर्णधनाद्यैश्वर्याणां धारकोऽसि (नः पवस्व) भवान् अस्मभ्यं धनाद्यैश्वर्यं दत्त्वा पवित्रयतु ॥२॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O lord of peace, heavenly light and beauty, all pervasive vitaliser of the oceans of space, energiser of the cosmos to move and expand by your omnipotence and refulgence, wielder, controller and giver of universal wealth, honour and excellence, pray radiate your refulgence and glory, purify and bless us too.
