Go To Mantra
Viewed 412 times

आ न॑: पवस्व॒ धार॑या॒ पव॑मान र॒यिं पृ॒थुम् । यया॒ ज्योति॑र्वि॒दासि॑ नः ॥

English Transliteration

ā naḥ pavasva dhārayā pavamāna rayim pṛthum | yayā jyotir vidāsi naḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

आ नः॒ । प॒व॒स्व॒ । धार॑या । पव॑मान । र॒यिम् । पृ॒थुम् । यया॑ । ज्योतिः॑ । वि॒दासि॑ । नः॒ ॥ ९.३५.१

Rigveda » Mandal:9» Sukta:35» Mantra:1 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:25» Mantra:1 | Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:1


ARYAMUNI

अब परमात्मा का धर्मादिदातृत्व के रूप में वर्णन करते हैं।

Word-Meaning: - (पवमान) हे सबको पवित्र करनेवाले परमात्मन् ! (नः धारया आपवस्व) हमको आप आनन्द की धारा से भली प्रकार पवित्र करिये (रयिम् पृथुम्) और बड़े भारी ऐश्वर्य को दीजिये (यया नः ज्योतिः विदासि) उसी आनन्द की धारा से आप ज्ञानप्रद हैं ॥१॥
Connotation: - जो पुरुष अपने आपको परमात्मज्ञान का पात्र बनाते हैं, परमात्मा उन्हें आनन्द की वृष्टि से सिञ्चित करते हैं ॥१॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

रयि - ज्योति

Word-Meaning: - [१] हे (पवमान) = हमारे जीवनों को पवित्र करनेवाले सोम ! (धारया) = अपनी धारण शक्ति के द्वारा (नः) = हमारे लिये (पृथं रयिम्) = विशाल धन को (आपवस्व) = प्राप्त करा। इस सोम के रक्षण से हम स्वस्थ शरीर बनकर आवश्यक धनों को प्राप्त करनेवाले बनते हैं । [२] हे सोम ! तू हमें उस धारणशक्ति के साथ प्राप्त हो, (यथा) = जिससे (नः) = हमारे लिये (ज्योतिः) = प्रकाश को विदासि प्राप्त कराता है। इस सोम से ही शरीर में ज्ञानाग्नि का दीपन होता है, यह दीप्त ज्ञानाग्नि से हम ज्योति को प्राप्त करते हैं ।
Connotation: - भावार्थ- सोम के रक्षण से हमें रयि [धन] व ज्योति [ज्ञान] की प्राप्ति होती है ।

ARYAMUNI

अथ परमात्मा धर्मादिदातृत्वेन वर्ण्यते।

Word-Meaning: - (पवमान) हे सर्वस्य पवितः परमात्मन् ! (नः धारया आपवस्व) अस्मान् आनन्दस्य धारया सुष्ठु पुनातु (रयिम् पृथुम्) महदैश्वर्यं च देहि (यया नः ज्योतिः विदासि) ययानन्दधारया भवान् ज्ञानप्रदोऽस्ति ॥१॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Soma, lord of purity, pray purify and sanctify us with showers of divine peace, and bring us wealth, honour and excellence of high order by virtue of which you are the sole lord and giver of light and grandeur to us.