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आ प्या॑यस्व॒ समे॑तु ते वि॒श्वत॑: सोम॒ वृष्ण्य॑म् । भवा॒ वाज॑स्य संग॒थे ॥

English Transliteration

ā pyāyasva sam etu te viśvataḥ soma vṛṣṇyam | bhavā vājasya saṁgathe ||

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Pad Path

आ । प्या॒य॒स्व॒ । सम् । ए॒तु॒ । ते॒ । वि॒श्वतः॑ । सो॒म॒ । वृष्ण्य॑म् । भव॑ । वाज॑स्य । स॒म्ऽग॒थे ॥ ९.३१.४

Rigveda » Mandal:9» Sukta:31» Mantra:4 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:21» Mantra:4 | Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:4


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे सम्पूर्ण संसार के उत्पादक परमात्मन् ! (ते वृष्ण्यम्) सब कामनाओं की वर्षा करनेवाला तुम्हारा ऐश्वर्य्य (विश्वतः) सब और से (समेतु) हमको प्राप्त हो और आप (आ प्यायस्व) सब प्रकार से हमारी वृद्धि करें तथा (वाजस्य सङ्गथे) एश्वर्यनिमित्तक संग्रामों में आप (भव) हमारे संगी बने ॥४॥
Connotation: - जो लोग एकमात्र परमात्मा को अपना आधार बनाते हैं, वे सब प्रकार से ऐश्वर्य्यशाली होते हैं और संग्रामजनित विपत्तियों में परमात्मा उनकी सहायता करता है ॥४॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

वाजयुक्त जीवन

Word-Meaning: - [१] हे (सोम) = वीर्यशक्ते ! तू गत मन्त्र के अनुसार प्राणायाम व स्वाध्याय के द्वारा शरीर में (आप्यायस्व) = आप्यायित हो । (ते) = तेरा (वृष्ण्यम्) = बल (विश्वतः समेतु) = सब ओर शरीर के अंग-प्रत्यंग में संगत हो । [२] तू (वाजस्य) शक्ति के संगथे मेल के निमित्त (भवा) = हो । तेरे सुरक्षित होने से हमारा जीवन वाजवाला [vigorous] शक्तिशाली हो ।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम जीवन को वाजी [vigorous] बनाता है।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे समस्तस्य जगतः कर्तः परमात्मन् ! (ते वृष्ण्यम्) सर्वाभिलाषदं भवत ऐश्वर्य्यं (विश्वतः) सर्वतः (समेतु) अस्मान् प्राप्नोतु अथ च भवान् (आ प्यायस्व) अस्मान् सर्वप्रकारेण वर्धय तथा (वाजस्य सङ्गथे) ऐश्वर्यनिमित्तके सङ्ग्रामे (भव) नः  सहायको भव ॥४॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Glory be to you, Soma, pray promote and exalt us, may your exalted shower of blessings come from all round. O lord, be with us in all our battles of peace, progress and prosperity.