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प्र सोमा॑सः स्वा॒ध्य१॒॑: पव॑मानासो अक्रमुः । र॒यिं कृ॑ण्वन्ति॒ चेत॑नम् ॥

English Transliteration

pra somāsaḥ svādhyaḥ pavamānāso akramuḥ | rayiṁ kṛṇvanti cetanam ||

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Pad Path

प्र । सोमा॑सः । स्वा॒ध्यः॑ । पव॑मानासः । अ॒क्र॒मुः॒ । र॒यिम् । कृ॒ण्व॒न्ति॒ । चेत॑नम् ॥ ९.३१.१

Rigveda » Mandal:9» Sukta:31» Mantra:1 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:21» Mantra:1 | Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:1


ARYAMUNI

अब शूरवीरों के गुणों का वर्णन किया जाता है।

Word-Meaning: - (सोमासः) शूरवीर लोग (स्वाध्यः) उच्चोदेश्यवाले (पवमानासः) वीरता धर्म से संसार को पवित्र करते हुए (प्राक्रमुः) अन्यायकारी शत्रुओं पर आक्रमण करते हैं और उक्त प्रकार के आक्रमण से (रयिम्) ऐश्वर्य को (चेतनम्) जीता जागता (कृण्वन्ति) बनाते हैं ॥१॥
Connotation: - जो लोग उच्चोद्देश्य से अर्थात् देश की रक्षा के लिये शत्रुओं पर आक्रमण करते हैं, वे लोग अपने ऐश्वर्य को पुनरुज्जीवित करके अपने यश को विमल करके दशों दिशाओं में फैलाते हैं ॥१॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

चेतनं रयिम्

Word-Meaning: - [१] (सोमासः) = सोमकण (प्र अक्रमुः) = शरीर में प्रकृष्ट गतिवाले होते हैं। शरीर में गतिवाले होकर ये (स्वाध्यः) = उत्कृष्ट (धी) = बुद्धि व ज्ञानवाले होते हैं 'सुध्मानाः सुकर्माणो वा सा० ' उत्तम ध्यान व कर्मोंवाले होते हैं। (पवमानासः) = ये हमारे जीवनों को पवित्र करते हैं । [२] सुरक्षित होने पर ये (चेतनं रयिम्) = ज्ञान धन को (कृण्वन्ति) = हमारे लिये करनेवाले होते हैं। सोमकण ज्ञानाग्नि का ईंधन बनते हैं । इस दीप्त ज्ञानाग्नि से ज्ञानधन प्राप्त होता है ।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम हमें उत्तम ध्यान कर्म व ज्ञानवाला बनाता है। हमें यह पवित्र करता है ।

ARYAMUNI

अथ शूरवीरगुणा वर्ण्यन्ते।

Word-Meaning: - (सोमासः) शूरवीराः (स्वाध्यः) उच्चोद्देश्याः (पवमानासः) वीर्य्येण भुवनं पवित्रयन्तः (प्राक्रमुः) अन्यायकारिणः शत्रून् आक्राम्यन्ति किञ्च उक्ताक्रमणेन (रयिम्) स्वमैश्वर्य्यं (चेतनम्) लोकोत्तरं (कृण्वन्ति) विदधते ॥१॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Exhilarating, thoughtful, pure and purifying soma powers of divine nature and humanity flow, advance, create and promote wealth, honour and excellence of enlightenment and divine awareness.