Go To Mantra
Viewed 389 times

तं गावो॑ अ॒भ्य॑नूषत स॒हस्र॑धार॒मक्षि॑तम् । इन्दुं॑ ध॒र्तार॒मा दि॒वः ॥

English Transliteration

taṁ gāvo abhy anūṣata sahasradhāram akṣitam | induṁ dhartāram ā divaḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

तम् । गावः॑ । अ॒भि । अ॒नू॒ष॒त॒ । स॒हस्र॑ऽधारम् । अक्षि॑तम् । इन्दु॑म् । ध॒र्तार॑म् । आ । दि॒वः ॥ ९.२६.२

Rigveda » Mandal:9» Sukta:26» Mantra:2 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:16» Mantra:2 | Mandal:9» Anuvak:2» Mantra:2


ARYAMUNI

अब उक्त स्वरूप के साक्षात्कार का अन्य प्रकार कथन करते हैं।

Word-Meaning: - (गावः) “गच्छन्ति विषयान्निति गाव इन्द्रियाणि” इन्द्रियें (तम्) उस परमात्मा को (अभ्यनूषत) अपना विषय बनाती हैं, जो परमात्मा (सहस्रधारम्) अनेक वस्तुओं का धारण करनेवाला अच्युत (अक्षितम्) अच्युत (इन्दुम्) परमैश्वर्य्यसम्पन्न (दिवः आधर्तारम्) तथा द्युलोकपर्यन्त लोकों का धारण करनेवाला है ॥२॥
Connotation: - जो परमात्मा द्युभ्वादि लोकों का आधार है और जिसमें अनन्त प्रकार की वस्तुएँ निवास करती हैं, वह शुद्ध इन्द्रियों द्वारा साक्षात्कार किया जाता है ॥२॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

इन्द्र और 'दिवः धर्ता

Word-Meaning: - [१] (तं इन्दुम्) = उस शक्तिशाली सोम को (गावः) = ये ज्ञान की वाणियाँ अभ्यनूषत स्तुत करती हैं । वेदवाणियों में सोम के महत्त्व का सविस्तार प्रतिपादन हुआ है। उस सोम का जो कि (सहस्त्रधारम्) = हजारों प्रकार से हमारा धारण करनेवाला है। (अक्षितम्) = जो हमें कभी क्षीण नहीं होने देता। [२] उस सोम का वेदवाणियाँ स्तवन करती हैं, जो कि (इन्दुम्) = हमें शक्तिशाली बनाता है और (दिवः आधर्तारम्) = ज्ञान का समन्तात् धारण करनेवाला है ।
Connotation: - भावार्थ- सोम शतशः प्रकारों से हमारा धारण करता हुआ हमें क्षीण नहीं होने देता ।

ARYAMUNI

अथोक्तस्वरूपस्य साक्षात्काराय प्रकारान्तरं कथ्यते।

Word-Meaning: - (गावः) इन्द्रियाणि (तम्) तं परमात्मानं (अभ्यनूषत) स्वविषयं कुर्वन्ति यः परमात्मा (सहस्रधारम्) विविधवस्तूनां धर्ता (अक्षितम्) अच्युतः (इन्दुम्) परमैश्वर्य्यसम्पन्नः (दिवः आधर्तारम्) द्युलोकादीनां धारकश्चास्ति ॥२॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - That blissful Soma, sustainer of the refulgent heavens, whose generous and inexhaustible grace flows in a thousand streams, the songs of Veda, rays of the sun, and the stars and planets, indeed all that move in the moving universe celebrate and adore.