Go To Mantra

इन्दो॒ यदद्रि॑भिः सु॒तः प॒वित्रं॑ परि॒धाव॑सि । अर॒मिन्द्र॑स्य॒ धाम्ने॑ ॥

English Transliteration

indo yad adribhiḥ sutaḥ pavitram paridhāvasi | aram indrasya dhāmne ||

Mantra Audio
Pad Path

इन्दो॒ इति॑ । यत् । अद्रि॑ऽभिः । सु॒तः । प॒वित्र॑म् । प॒रि॒ऽधाव॑सि । अर॑म् । इन्द्र॑स्य । धाम्ने॑ ॥ ९.२४.५

Rigveda » Mandal:9» Sukta:24» Mantra:5 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:14» Mantra:5 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:5


Reads 368 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमात्मन् ! (यत्) जब तुम (पवित्रम्) पवित्र अन्तःकरणों में (परिधावसि) निवास करते हो, तब (अद्रिभिः सुतः) अन्तःकरण की वृत्तिद्वारा साक्षात्कार को प्राप्त हुए आप (इन्द्रस्य धाम्ने) कर्मयोगी पुरुष के अन्तःकरणरूपी धाम को (अरम्) अलंकृत करते हो ॥५॥
Connotation: - परमात्मा अपनी व्यापकता से कर्मयोगी पुरुषों के अन्तःकरणों को अलंकृत करता है। यद्यपि परमात्मा प्रत्येक पुरुष के अन्तःकरण को विभूषित करता है तथापि कर्मयोग वा ज्ञानयोग द्वारा जिन पुरुषों ने अपने अन्तःकरणों को निर्मल बनाया है, उनके अन्तःकरण में परमात्मा का प्रकाश विशेषरूप से प्रतीत होता है, इसीलिये योगियों के अन्तःकरणों का विशेषरूप से प्रकाशित होना कथन किया गया है ॥५॥
Reads 368 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

इन्द्रधाम की प्राप्ति

Word-Meaning: - [१] (इन्दो) = हे सोम ! (यत्) = जब तू (अद्रिभिः) = [ those who adore ] उपासकों से (सुतः) = उत्पन्न किया हुआ (पवित्रम्) = पवित्र हृदय की ओर (परिधावसि) = गतिवाला होता है तो (इन्द्रस्य) = उस परमैश्वर्यशाली प्रभु के धाने तेज के लिये (अरम्) = पर्याप्त होता है । अर्थात् तू इस उपासक को प्रभु की प्राप्ति करानेवाला होता है । [२] प्रभु की उपासना से हृदय पवित्र बनता है। हृदय की पवित्रता सोम के रक्षण का साधन बनती है, सुरक्षित सोम बुद्धि को सूक्ष्म बनाता है। यह सूक्ष्म बुद्धि प्रभु- दर्शन का साधन बनती है।
Connotation: - भावार्थ - प्रभु का उपासक, हृदय की पवित्रता के द्वारा, सोम का रक्षण करनेवाला बनता है। सुरक्षित सोम इसे प्रभु की तेजस्विता को प्राप्त कराता है।
Reads 368 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमात्मन् ! त्वं (यत्) यदा (पवित्रम्) पवित्रान्तःकरणं (परिधावसि) अधितिष्ठसि तदा (अद्रिभिः सुतः) अन्तःकरणवृत्तिभिः साक्षात्कृतः (इन्द्रस्य धाम्ने) कर्मयोगिणामन्तःकरणरूपे धाम्नि (अरम्) अलङ्करोषि ॥५॥
Reads 368 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O Soma, shower of divine beauty and bliss, perceived, internalised and realised through the mind and vision of the celebrant, you vibrate and shine in sanctified awareness as the absolute beauty, bliss and glory of existence for the human soul.