Go To Mantra

परि॒ विश्वा॑नि॒ चेत॑सा मृ॒शसे॒ पव॑से म॒ती । स न॑: सोम॒ श्रवो॑ विदः ॥

English Transliteration

pari viśvāni cetasā mṛśase pavase matī | sa naḥ soma śravo vidaḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

परि॑ । विश्वा॑नि । चेत॑सा । मृ॒शसे॑ । पव॑से । म॒ती । सः । नः॒ । सो॒म॒ । श्रवः॑ । वि॒दः॒ ॥ ९.२०.३

Rigveda » Mandal:9» Sukta:20» Mantra:3 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:10» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:3


Reads 349 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे परमात्मन् ! (चेतसा) हमारे मन के अनुकूल (विश्वानि) आप सब प्रकार के धनों को (परि मृशसे) देते हो (मती पवसे) हमारी बुद्धि को स्तुतियों से पवित्र करते हो (सः नः) सो आप हमारे लिये (श्रवः विदः) सब प्रकार के ऐश्वर्यों को दीजिये ॥३॥
Connotation: - परमात्मपरायण पुरुषों की परमात्मा सब प्रकार की रक्षा करता है और उनको ऐश्वर्य प्रदान करता है ॥३॥
Reads 349 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

तत्त्वचिन्तन

Word-Meaning: - [१] हे (सोम) = वीर्यशक्ते ! (सः) = वह तू (नः) = हमारे लिये (श्रवः) = ज्ञान को (विदः) = प्राप्त करा । तू (चेतसा) = उत्तम चित्त के द्वारा (विश्वानि) = सब तत्त्वों को (परिमृशते) = चिन्तन करनेवाला होता है। सोम के रक्षण पर हृदय निर्मल बनता है, बुद्धि की पवित्रता के कारण हम तत्त्वों का चिन्तन करनेवाले बनते हैं । बुद्धि की सूक्ष्मता का यह स्वाभाविक परिणाम है कि हम तत्त्वद्रष्टा बन पाते हैं । [२] हे सोम ! तू (मती) = बुद्धि के द्वारा (पवसे) = हमारे जीवन को पवित्र करता है । बुद्धि से उत्पन्न ज्ञान हमारी वासनारूप मलिनताओं को विनष्ट करता है।
Connotation: - भावार्थ - रक्षित सोम हमारी बुद्धि को सूक्ष्म बनाता है। तत्त्वदर्शन कराता हुआ यह सोम हमें पवित्र बनाता है ।
Reads 349 times

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (सोम) हे परमात्मन् ! (चेतसा) अस्मन्मनसा चिन्तितानि (विश्वानि) सर्वविधधनानि भवान् (परि मृशसे) ददाति (मती पवसे) मद्बुद्धीः स्तुतिभिः पुनाति (स नः) स भवानस्मभ्यं (श्रवः विदः) सर्वविधैश्वर्याणि ददातु ॥३॥
Reads 349 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O lord, you give us all good things of the world we love with our heart’s desire. You inspire and energise our intellect, understanding and will for action. O Soma, pray bring us the wealth of honour and fame with all forms of life’s excellence.