यत्सो॑म चि॒त्रमु॒क्थ्यं॑ दि॒व्यं पार्थि॑वं॒ वसु॑ । तन्न॑: पुना॒न आ भ॑र ॥
English Transliteration
Mantra Audio
yat soma citram ukthyaṁ divyam pārthivaṁ vasu | tan naḥ punāna ā bhara ||
Pad Path
यत् । सो॒म॒ । चि॒त्रम् । उ॒क्थ्य॑म् । दि॒व्यम् । पार्थि॑वम् । वसु॑ । तत् । नः॒ । पु॒न॒नः । आ । भ॒र॒ ॥ ९.१९.१
Rigveda » Mandal:9» Sukta:19» Mantra:1
| Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:9» Mantra:1
| Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:1
Reads 339 times
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सोम) हे परमात्मन् ! (यत्) जो (चित्रम्) अद्भुत (उक्थ्यम्) प्रशंसनीय (दिव्यम्) द्युलोकसम्बन्धी तथा (पार्थिवं) पृथिवीसम्बन्धी (वसु) धनरत्नादि एश्वर्य हैं, (तत्) उससे (नः) हमको (पुनानः) पवित्र करते हुए (आभर) परिपूर्ण होने की शिक्षा दीजिये ॥१॥
Connotation: - इससे परमात्मा से विविध धनादि ऐश्वर्य पाने के लिये शिक्षा की प्रार्थना है ॥१॥
Reads 339 times
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
दिव्य व पार्थिव वसु
Word-Meaning: - [१] हे सोमवीर्यशक्ते ! (यत्) = जो (चित्रम्) = अद्भुत अथवा 'चित् र' ज्ञान को देनेवाला [= बढ़ानेवाला] (दिव्यम्) = मस्तिष्क रूप द्युलोक के साथ सम्बद्ध (वसु) = ज्ञान धन है, और जो (उक्थ्यम्) = रक्षा में विनियुक्त होने के कारण स्तुति के योग्य (पार्थिवं वसु) = शरीर रूप पृथिवी के साथ सम्बद्ध शक्ति रूप धन है, (तत्) = उस धन को (नः) = हमारे लिये (पुनानः) = पवित्र करता हुआ (आभर) = सर्वथा प्राप्त करा । [२] सोम से हमें दिव्य व पार्थिव दोनों धनों की प्राप्ति हो। इन दोनों धनों की प्राप्ति के लिये हृदय की पवित्रता रूप तीसरा धन है। वह भी इस सोम ने ही प्राप्त कराना है ।
Connotation: - भावार्थ- सोम हमें मस्तिष्क में दिव्य धन [ज्ञान] प्राप्त कराये, शरीर में पार्थिव धन [शक्ति] को दे । तथा हृदयान्तरिक्ष में पवित्रता को करनेवाला हो [ पुनानः ] ।
Reads 339 times
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सोम) हे परमात्मन् ! (चित्रम्) अद्भुतं यत् (उक्थ्यम्) प्रशंसनीयं (दिव्यम्) द्युलोकसम्बन्धि तथा (पार्थिवम्) पृथिवीसम्बन्धि (वसु) धनरत्नाद्यैश्वर्यमस्ति (तत्) तेन (नः) अस्मान् (पुनानः) पावयन् (आभर) परिपूरयितुमुपदिशतु ॥१॥
Reads 339 times
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O Soma, lord of peace, purity and power, purify for us the wealth, honour and excellence both worldly and heavenly which is wonderfully versatile, valuable and admirable, pray sanctify it and bless us with the sacred gift.
