प्र त्वा॒ नमो॑भि॒रिन्द॑व॒ इन्द्र॒ सोमा॑ असृक्षत । म॒हे भरा॑य का॒रिण॑: ॥
English Transliteration
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pra tvā namobhir indava indra somā asṛkṣata | mahe bharāya kāriṇaḥ ||
Pad Path
प्र । त्वा॒ । नमः॑ऽभिः । इन्द॑वः । इन्द्र॑ । सोमाः॑ । अ॒सृ॒क्ष॒त॒ । म॒हे । भरा॑य । का॒रिणः॑ ॥ ९.१६.५
Rigveda » Mandal:9» Sukta:16» Mantra:5
| Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:6» Mantra:5
| Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:5
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्द्र) हे शूरवीर ! मैंने (त्वा) तुम्हारे लिये (नमोभिः) अश्वादि द्वारा (इन्दवः सोमाः) परमेश्वर के देनेवाले और सौम्यस्वभाव बनानेवाले सुन्दर रस (प्रासृक्षत) उत्पन्न किये हैं, जो कि (कारिणः) कर्मयोगी पुरुष के लिये (महे भराय) अत्यन्त पुष्टि करनेवाले हैं ॥५॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करते हैं कि हे शूरवीर लोगो ! मैंने तुम्हारे लिये अनन्त प्रकार के रसों को उत्पन्न किया है, जिनका उपभोग करके तुम आह्लादित होकर अन्यायकारी शत्रुओं के विजय के लिये शक्तिसम्पन्न हो सकते हो ॥५॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
नमन के द्वारा सोमरक्षण
Word-Meaning: - [१] हे (इन्द्र) = जितेन्द्रिय पुरुष ! (नमोभिः) = प्रभु के प्रति नमन के द्वारा (इन्दवः) = शक्ति को देनेवाले (सोमाः) = ये सोमकण (त्वा) = तेरे लिये (प्र असृक्षत) = प्रकर्षेण सृष्ट होते हैं । प्रभु के प्रति नमन हमारे अन्दर सोमकणों का रक्षण करता है। [२] रक्षित हुए-हुए ये सोमकण (महे भराय) = अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भरण के लिये होते हैं। इनके द्वारा हमारा उत्तम पोषण होता है । (कारिणः) = ये उत्तम शरीर रूप कार = रथवाले होते हैं। ये सोमकण शरीर-रथ को सुन्दर बनाते हैं ।
Connotation: - भावार्थ - प्रभु नमन के द्वारा सोम का रक्षण होता है। रक्षित सोम हमारा उत्तम भरण करता है, हमारे शरीर - रथ को सुन्दर बनाता है ।
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ARYAMUNI
Word-Meaning: - (इन्द्र) भोः शूरवीर ! मया (त्वा) भवदर्थम् (नमोभिः) अन्नादिरूपेण (इन्दवः सोमाः) परमैश्वर्य्यस्य दातारः सौम्यस्वभावस्य उत्पादकाः (प्रासृक्षत) रसा उत्पादिता ये (कारिणः) कर्मयोगिणे (महे भराय) अत्यन्तपुष्टिप्रदाः सन्ति ॥५॥
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DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Indra, lord of power, peace and joy, with songs of honour and salutations to you, I have created and offered joyous adorations to you which flow for the grand fulfilment of the poet creator and man of divine action.
