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अ॒भि प्रि॒या दि॒वस्प॒दा सोमो॑ हिन्वा॒नो अ॑र्षति । विप्र॑स्य॒ धार॑या क॒विः ॥

English Transliteration

abhi priyā divas padā somo hinvāno arṣati | viprasya dhārayā kaviḥ ||

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Pad Path

अ॒भि । प्रि॒या । दि॒वः । प॒दा । सोमः॑ । हि॒न्वा॒नः । अ॒र्ष॒ति॒ । विप्र॑स्य । धार॑या । क॒विः ॥ ९.१२.८

Rigveda » Mandal:9» Sukta:12» Mantra:8 | Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:39» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:8


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (कविः) क्रान्तकर्मा (सोमः) सौम्यस्वभाववाला परमात्मा (दिवस्पदा) द्युलोक का व्यापकरूप से अधिकरण है (विप्रस्य) ज्ञान की (धारया) धारा से (प्रिया अभि अर्षति) हमको आनन्दित करता है ॥८॥
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HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

प्रिय ज्ञानवाणियों का प्रेरण

Word-Meaning: - [१] (सोमः) = वीर्यशक्ति (प्रिया) = प्रीति को उत्पन्न करनेवाले (दिवः पदा) = ज्ञान के शब्दों का (हिन्वानः) = प्रेरित करता हुआ (अभि अर्षति) = शरीर में चारों ओर गतिवाला होता है । जब सोम शरीर में रक्षित होता है तो यह ज्ञानाग्नि को दीप्त करता है । उस समय ज्ञान की प्रिय वाणियाँ हमारे अन्दर प्रेरित होती हैं । [२] यह सोम (विप्रस्य) = [वि-प्रा] विशेषरूप से अपने अन्दर इसका पूरण करनेवाले का (धारया) = धारणशक्ति के द्वारा, (कविः) = क्रान्तप्रज्ञ बनानेवाला होता है । सोम विप्र का कवि है, अपने धारण करनेवाले को ज्ञानी बनाता है ।
Connotation: - भावार्थ - हम सोम का रक्षण करते हैं, तो यह हमारे अन्दर प्रिय ज्ञानवाणियों को प्रेरित करता हुआ हमें ज्ञानी बनाता है।
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (कविः) क्रान्तकर्मा (सोमः) सौम्यस्वभाववान् सः (दिवस्पदा) द्युलोकस्य व्यापकरूपेणाधिकरणमस्ति (विप्रस्य) ज्ञानस्य (धारया) वर्षेण (प्रिया अभि अर्षति) अस्मत्प्रियं विधाय आनन्दयति ॥८॥
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DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Soma, divine poet creator, all peace and bliss, abiding in the heavenly beauty of the universe, inspiring and energising human creativity especially of the wise sage, sends down streams of joy in song overflowing the poetic imagination.