Viewed 399 times
इन्द्रा॑य॒ वृष॑णं॒ मदं॒ पव॑स्व वि॒श्वद॑र्शतः । स॒हस्र॑यामा पथि॒कृद्वि॑चक्ष॒णः ॥
English Transliteration
Mantra Audio
indrāya vṛṣaṇam madam pavasva viśvadarśataḥ | sahasrayāmā pathikṛd vicakṣaṇaḥ ||
Pad Path
इन्द्रा॑य । वृष॑णम् । मद॑म् । पव॑स्व । वि॒श्वऽद॑र्शतः । स॒हस्र॑ऽयामा । प॒थि॒ऽकृत् । वि॒ऽच॒क्ष॒णः ॥ ९.१०६.५
Rigveda » Mandal:9» Sukta:106» Mantra:5
| Ashtak:7» Adhyay:5» Varga:9» Mantra:5
| Mandal:9» Anuvak:7» Mantra:5
ARYAMUNI
Word-Meaning: - हे परमात्मन् ! आप (इन्द्राय) कर्म्मयोगी के लिये (वृषणं) सब कामनाओं की वृष्टि करनेवाले हैं, (मदं) आनन्द (पवस्व) कर्म्मयोगी को दें। आप (विश्वदर्शतः) सर्वज्ञ हैं (सहस्त्रयामा) अनन्त शक्तियुक्त हैं और (विचक्षणः) चतुर हैं, (पथिकृत्) अपने अनुयायियों के पथों को सुगम करनेवाले हैं ॥५॥
Connotation: - परमात्मा कर्मयोगी के लिये सब प्रकार के ऐश्वर्य्य प्रदान करता है और उनको अपने ज्ञान से प्रकाशित करता है ॥५॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
पथिकृद् विचक्षणः
Word-Meaning: - सब हे सोम ! तू (इन्द्राय) = जितेन्द्रिय पुरुष के लिये (वृषणम्) = शक्ति का सञ्चार करनेवाले (मदम्) = उल्लास जनक रस को [मदं मदकरं रसं] (पवस्व) = प्राप्त करा । तू (विश्वदर्शतः) = दृष्टिकोणों से दर्शनीय है, सुन्दर ही सुन्दर है। (सहस्त्रयामा) = [सह हस्] उस आनन्दमय प्रभु की ओर ले जानेवाला है । (पथिकृद्) = जीवन में मार्ग का बनानेवाला है। (विचक्षणः) = [सर्वस्य द्रष्टा] सब का (द्रष्टा) = ध्यान करनेवाला है [look after] सोम ही हमें रोग आदि से बचाता है। यही अशुभ प्रवृत्तियों को हमारे से दूर रखता है ।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम शक्ति व आनन्द का वर्धन करता हुआ सुन्दर ही सुन्दर है। यह हमें जीवन में रोग व वासनाओं का शिकार न होने देता हुआ, मार्ग पर ले चलता हुआ, प्रभु को प्राप्त कराता है।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - हे परमात्मन् ! भवान् (इन्द्राय) कर्मयोगिने (वृषणम्) सर्वकामान् वर्षुकः (मदम्) आनन्दं (पवस्व) कर्मयोग्यर्थमुत्पादयतु (विश्वदर्शतः) भवान् सर्वज्ञः (सहस्रयामा) अनन्तशक्तियुक्तः (विचक्षणः) चतुरः (पथिकृत्) स्वानुयायिपथानां सुगमकर्ता च ॥५॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Let divine showers and streams of visionary ecstasy rain and flow for Indra, the soul, O Soma, charming cosmic power, moving a thousand ways, maker of a thousand paths, shining, all watching and revealing.
