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परि॑ णे॒ता म॑ती॒नां वि॒श्वदे॑वो॒ अदा॑भ्यः । सोम॑: पुना॒नश्च॒म्वो॑र्विश॒द्धरि॑: ॥

English Transliteration

pari ṇetā matīnāṁ viśvadevo adābhyaḥ | somaḥ punānaś camvor viśad dhariḥ ||

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Pad Path

परि॑ । ने॒ता । म॒ती॒नाम् । वि॒श्वऽदे॑वः । अदा॑भ्यः । सोमः॑ । पु॒ना॒नः । च॒म्वोः॑ । वि॒श॒त् । हरिः॑ ॥ ९.१०३.४

Rigveda » Mandal:9» Sukta:103» Mantra:4 | Ashtak:7» Adhyay:5» Varga:6» Mantra:4 | Mandal:9» Anuvak:6» Mantra:4


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (विश्वदेवः) जो सम्पूर्ण विश्व का प्रकाशक परमात्मा है, (अदाभ्यः) किसी से तिरस्कृत नहीं हो सकता किन्तु सर्वोपरि होकर विराजमान है, (हरिः) परमात्मा (चम्वोः) जीव और प्रकृतिरूपी दोनों प्रकृतियों में (परिविशत्) प्रवेश करता है ॥४॥
Connotation: - परमात्मा शुभ बुद्धियों का प्रदान करनेवाला है ॥४॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

बुद्धि - दिव्यगुम व नीरोगता

Word-Meaning: - यह सोम (मतीनां परिणेता) = बुद्धियों का हमें सब प्रकार से प्राप्त करानेवाला है। (विश्वदेवः) = सब दिव्य गुणों वाला है और (अदाभ्यः) = रोग आदि से हिंसित होनेवाला नहीं। सुरक्षित सोम बुद्धि को बढ़ाता है, दिव्य गुणों का उपजाता है और शरीर को नीरोग बनाता है। यह (सोमः) = सोम [वीर्य] (पुनानः) = पवित्र किया जाता हुआ (चम्वोः) = द्यावापृथिवी में, मस्तिष्क व शरीर में (विशत्) = प्रवेश करता है शरीर को सशक्त व मस्तिष्क को ज्ञानदीप्त बनाता हुआ यह (हरिः) = सब शारीर व मानस दुःखों का हरण करनेवाला होता है।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम बुद्धि को तीव्र, मन को दिव्य, शरीर को नीरोग बनाता है ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (विश्वदेवः)  अखिलविश्वप्रकाशकः  (अदाभ्यः)  अनभिभाव्यः परमात्मा  (मतीनां,  नेता)  सर्वेषां  बुद्धेर्नेतास्ति  (सोमः) सर्वोत्पादकः (हरिः) परमात्मा (चम्वोः) जीवप्रकृत्योः (परिविशत्)प्रविशति ॥४॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Soma, guiding spirit of the mind and soul, self- refulgent soul of the universe, undaunted and invincible, pure and purifying, pervading the heaven and earth, manifests inspiring in the mind and soul of meditative celebrants, eliminating their darkness and sufferance.