Go To Mantra

प्र स्वा॒नासो॒ रथा॑ इ॒वार्व॑न्तो॒ न श्र॑व॒स्यव॑: । सोमा॑सो रा॒ये अ॑क्रमुः ॥

English Transliteration

pra svānāso rathā ivārvanto na śravasyavaḥ | somāso rāye akramuḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

प्र । स्वा॒नासः॑ । रथाः॑ऽइव । अर्व॑न्तः । न । श्र॒व॒स्यवः॑ । सोमा॑सः । रा॒ये । अ॒क्र॒मुः॒ ॥ ९.१०.१

Rigveda » Mandal:9» Sukta:10» Mantra:1 | Ashtak:6» Adhyay:7» Varga:34» Mantra:1 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:1


Reads 452 times

ARYAMUNI

अब उक्त परमात्मा को यज्ञरूप से वर्णन करते हैं।

Word-Meaning: - (सोमासः) चराचर संसार का उत्पादक उक्त परमात्मा (राये) ऐश्वर्य के लिये (अक्रमुः) सदा उद्यत है (रथाः, इव) अति शीघ्र गति करनेवाले विद्युदादि के समान (प्रस्वानासः) जो प्रसिद्ध है और जो (अर्वन्तः, न) गतिशील राजाओं के समान (श्रवस्यवः) ऐश्वर्य देने को सदा उद्यत है ॥१॥
Connotation: - जिस प्रकार बिजली की जागृतिशील ध्वनि से सब पुरुष जाग्रत हो जाते हैं, इस प्रकार परमात्मा के शब्द से सब लोग उद्बुद्ध हो जाते हैं, अर्थात् परमात्मा नाना प्रकार के शब्दों से पुरुषों को उद्बोधन करता है और जिस प्रकार न्यायशील राजा अपनी प्रजा को ऐश्वर्य प्रदान करता है, इसी प्रकार वह सत्कर्मी पुरुषों को सदैव ऐश्वर्य प्रदान करता है ॥१॥
Reads 452 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

रथों की तरह या घोड़ों की तरह

Word-Meaning: - [१] (सोमासः) = शरीर में सुरक्षित हुए हुए सोम (प्र स्वानासः) = प्रकृष्ट शब्दोंवाले (रथाः इव) = रथों के समान होते हैं, 'रथ' यात्रा की पूर्ति का साधन होता है। ये सोम भी यात्रा पूर्ति का प्रमुख साधन बनते हैं। गतिमय रथ में ध्वनि होती है, इन सोमों के सुरक्षित होने पर मनुष्य प्रभु के सूक्तों का उच्चारण करता है। [२] ये सोम (अर्वन्तः न) = घोड़ों के समान (श्रवस्यवः) = यश की कामनावाले होते हैं। घोड़े बाह्य शत्रुओं को विजित करने में सहायक होते हैं शत्रु विजय से वे हमें यशस्वी बनाते हैं। सुरक्षित सोम अन्तः शत्रुओं को पराजित करके हमें यशस्वी बनाता है। ये सुरक्षित (सोमासः) = सोम (राये) = हमारे ऐश्वर्य के लिये (अक्रमुः) = गतिवाले होते हैं। इनके द्वारा हमारे ऐश्वर्य का वर्धन ही वर्धन होता है ।
Connotation: - भावार्थ- हम सोम का रक्षण करें। ये हमें जीवनयात्रा की पूर्ति में रथ का काम देंगे, युद्ध में विजय के लिये ये घोड़ों के समान होंगे तथा हमारे ऐश्वर्य के वर्धन का साधन बनेंगे।
Reads 452 times

ARYAMUNI

अथ पूर्वोक्तः परमात्मा यज्ञत्वेन वर्ण्यते।

Word-Meaning: - (सोमासः) चराचरजगदुत्पादकः स परमात्मा (राये) ऐश्वर्याय (अक्रमुः) शश्वदुद्यतोऽस्ति (रथाः, इव) शीघ्रतरगामिविद्युदादिवत् (प्रस्वानासः) यः प्रसिद्धः (अर्वन्तः) गतिशीला राजानः (न) इव (श्रवस्यवः) ऐश्वर्यं दातुं सदोद्यतः अस्ति ॥१॥
Reads 452 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The seekers of soma in search of food for body, mind and soul rush on like resounding charioteers and warriors of horse, and go forward for the achievement of life’s wealth.