Go To Mantra

ने॒मिं न॑मन्ति॒ चक्ष॑सा मे॒षं विप्रा॑ अभि॒स्वरा॑ । सु॒दी॒तयो॑ वो अ॒द्रुहोऽपि॒ कर्णे॑ तर॒स्विन॒: समृक्व॑भिः ॥

English Transliteration

nemiṁ namanti cakṣasā meṣaṁ viprā abhisvarā | sudītayo vo adruho pi karṇe tarasvinaḥ sam ṛkvabhiḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

ने॒मिम् । न॒म॒न्ति॒ । चक्ष॑सा । मे॒षम् । विप्राः॑ । अ॒भि॒ऽस्वरा॑ । सु॒ऽदी॒तयः॑ । वः॒ । अ॒द्रुहः॑ । अपि॑ । कर्णे॑ । त॒र॒स्विनः॑ । सम् । ऋक्व॑ऽभिः ॥ ८.९७.१२

Rigveda » Mandal:8» Sukta:97» Mantra:12 | Ashtak:6» Adhyay:6» Varga:38» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:10» Mantra:12


Reads 390 times

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

नेमिम्

Word-Meaning: - [१] स्तोता लोग (नेमिम्) = इस ब्रह्माण्ड की परिधिरूप उस प्रभु को, सर्वत्र व्याप्त उस प्रभु को नमस्कार करते हैं। (विप्राः) = ज्ञानी लोग (चक्षसा) = प्रभु की महिमा को सर्वत्र देखने के द्वारा तथा (अभिस्वरा) = स्तोत्र के द्वारा (मेषम्) = [मेषति = sprinkle] = सर्वसुखों के सेचक प्रभु को नमस्कार करते हैं । [२] (सुदीतयः) = उत्तम ज्ञान की दीप्तिवाले, (अद्रुहः) = द्रोह की भावना से रहित (वः) = तुम सब (अपि) = भी (कर्णे) = प्रभु महिमा के श्रवण में (तरस्विनः) = वेगवाले होते हुए (ऋक्वभिः) = ऋचाओं के द्वारा अर्चन - साधन मन्त्रों के द्वारा (सम्) = उस प्रभु के साथ संगत होवो ।
Connotation: - भावार्थ- ज्ञानी लोग सर्वत्र प्रभु की महिमा का दर्शन करते हुए उस व्यापक प्रभु को स्तोत्रों द्वारा प्रणाम करते हैं। हम भी ज्ञानदीप्ति व अद्रोह को धारण करते हुए इन स्तोत्रों का श्रवण करें और अर्चन - साधन मन्त्रों के द्वारा प्रभु का स्तवन करें।
Reads 390 times

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Wise and vibrant sages greet the heroic ruler, Indra, giver of showers of peace and joy, and with vision of the future bow to him as the central power and force of the nation’s wheel. O brilliant and inspired people free from jealousy and calumny, smart and bold in action, do him honour with laudable performance.