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इ॒ह त्या स॑ध॒माद्या॒ हरी॒ हिर॑ण्यकेश्या । वो॒ळ्हाम॒भि प्रयो॑ हि॒तम् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
iha tyā sadhamādyā harī hiraṇyakeśyā | voḻhām abhi prayo hitam ||
Pad Path
इ॒ह । त्या । स॒ध॒ऽमाद्या॑ । हरी॒ इति॑ । हिर॑ण्यऽकेश्या । वो॒ळ्हाम् । अ॒भि । प्रयः॑ । हि॒तम् ॥ ८.९३.२४
Rigveda » Mandal:8» Sukta:93» Mantra:24
| Ashtak:6» Adhyay:6» Varga:25» Mantra:4
| Mandal:8» Anuvak:9» Mantra:24
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
हितं प्रयः अभि
Word-Meaning: - [१] (इह) = इस जीवन में (त्या) = वे (सधमाद्या) = [सह माधन्तौ] मिलकर आनन्दित होते हुए (हिरण्यकेश्या) = हितरमणीय ज्ञान- रश्मियोंवाले (हरी) = ज्ञानेन्द्रिय व कर्मेन्द्रियरूप अश्व (हितम्) = हितकर (प्रयः अभि) = [प्रयस् - sacrifice ] यज्ञों की ओर (वोढाम्) = हमें ले चलें। [२] हमारे जीवन में ज्ञानेन्द्रियों के ज्ञान के अनुसार कर्मेन्द्रियाँ कर्म करनेवाली हैं। ये मिलकर चलती हुई हमें आनन्दित करनेवाली हों। सदा हित रमणीय ज्ञानवाली ये हों और यज्ञों में प्रवृत्त रहें।
Connotation: - भावार्थ- हमारी ज्ञानेन्द्रियाँ हितरमणीय ज्ञानरश्मियोंवाली हों और कर्मेन्द्रियाँ सदा हितकर यज्ञों में प्रवृत्त रहें। इस प्रकार मिलकर ये हमें आनन्दित करनेवाली हों।
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - And may those brilliant and jubilant perceptive, creative and communicative dynamics of yajna working in unison conduct Indra, the soul, onward in the business of living and lead the yajamana to the desired wealth and nourishment of life.
