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त्यमु॑ वः सत्रा॒साहं॒ विश्वा॑सु गी॒र्ष्वाय॑तम् । आ च्या॑वयस्यू॒तये॑ ॥
English Transliteration
Mantra Audio
tyam u vaḥ satrāsāhaṁ viśvāsu gīrṣv āyatam | ā cyāvayasy ūtaye ||
Pad Path
त्यम् । ऊँ॒ इति॑ । वः॒ । स॒त्रा॒ऽसह॑म् । विश्वा॑सु । गी॒र्षु । आऽय॑तम् । आ । च्य॒व॒य॒सि॒ । ऊ॒तये॑ ॥ ८.९२.७
Rigveda » Mandal:8» Sukta:92» Mantra:7
| Ashtak:6» Adhyay:6» Varga:16» Mantra:2
| Mandal:8» Anuvak:9» Mantra:7
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
सत्रासाहं [प्रभुं] आच्यावयसि
Word-Meaning: - [१] (त्वम्) = उस प्रभु को (उ) = ही (ऊतये) = अपने रक्षण के लिये (आच्यावयसि) = [आगमय] प्राप्त कर अपने हृदय मन्दिर में प्राप्त करा । [२] वे प्रभु ही (वः) = तुम्हारे (सत्रासाहम्) = सदा शत्रुओं का पराभव करनेवाले हैं और वे प्रभु ही (विश्वासु गीर्षु आयतम्) = सब वेद वाणियों में विस्तृत हैं, सब वाणियाँ प्रभु का ही वर्णन कर रही हैं।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु को ही हम प्राप्त करने का प्रयत्न करें वे ही हमारे शत्रुओं का पराभव करनेवाले व सब वेदवाणियों के प्रतिपाद्य विषय हैं।
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O people of the land, that generous and brilliant victor (Sudaksha) in all sessions of the enlightened citizens and celebrated in their universal voices, you elevate to the office of ruler for your defence, protection and progress.
