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आ मे॒ हवं॑ नास॒त्याश्वि॑ना॒ गच्छ॑तं यु॒वम् । मध्व॒: सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥
English Transliteration
Mantra Audio
ā me havaṁ nāsatyāśvinā gacchataṁ yuvam | madhvaḥ somasya pītaye ||
Pad Path
आ । मे॒ । हव॑म् । ना॒स॒त्या॒ । अश्वि॑ना । गच्छ॑तम् । यु॒वम् । मध्वः॑ । सोम॑स्य । पी॒तये॑ ॥ ८.८५.१
Rigveda » Mandal:8» Sukta:85» Mantra:1
| Ashtak:6» Adhyay:6» Varga:7» Mantra:1
| Mandal:8» Anuvak:9» Mantra:1
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'मधु सोम' का पान
Word-Meaning: - [१] हे (अश्विना) = प्राणापानो ! (युवम्) = आप (मे हवम्) = मेरी पुकार को सुनकर (आगच्छतम्) = अवश्य प्राप्त होओ। आप ही (नासत्या) = मेरे जीवन से सब असत्यों को दूर करनेवाले हो [न+असत्या]। [२] आप ही (मध्वः) = हमारे जीवनों को मधुर बनानेवाले (सोमस्य) = सोम के पीतये रक्षण के लिये होते हो।
Connotation: - भावार्थ- प्राणसाधना से शरीर में सोम का रक्षण होता है। सोमरक्षण द्वारा ये प्राणापान हमारे जीवन से सब असत्यों को दूर करते हैं और उन्हें मधुर बनाते हैं।
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Come in response to my call, Ashvins, both observers and preserves of truth. Come to taste, protect and promote the honey sweets of the soma joy of life.
