Go To Mantra
Viewed 364 times

वि॒द्मा हि त्वा॑ तुविकू॒र्मिं तु॒विदे॑ष्णं तु॒वीम॑घम् । तु॒वि॒मा॒त्रमवो॑भिः ॥

English Transliteration

vidmā hi tvā tuvikūrmiṁ tuvideṣṇaṁ tuvīmagham | tuvimātram avobhiḥ ||

Mantra Audio
Pad Path

वि॒द्म । हि । त्वा॒ । तु॒वि॒ऽकू॒र्मिम् । तु॒विऽदे॑ष्णम् । तु॒वीऽम॑घम् । तु॒वि॒ऽमा॒त्रम् । अवः॑ऽभिः ॥ ८.८१.२

Rigveda » Mandal:8» Sukta:81» Mantra:2 | Ashtak:6» Adhyay:5» Varga:37» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:9» Mantra:2


SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - हे इन्द्र ! (यद्) जो (यज्ञियम्) यज्ञसम्बन्धी (तुरीयम्) चतुर्थ (नाम) नाम हम लोगों का करता है, (तद्+उश्मसि) उस नाम को हम चाहते हैं, क्योंकि (आद्+इत्) उसके पश्चात् ही तू (नः+पतिः) हम लोगों का पति होता है अर्थात् तब ही यज्ञ करते हुए हम लोग तुझको अपना पति=पालक समझते और मानने लगते हैं ॥९॥
Connotation: - पितृनाम, मातृनाम, आचार्यनाम और यज्ञसम्बन्धी नाम ये चार नाम होते हैं। सोमयाज आदि यज्ञिय नाम हैं। मनुष्य जब शुभकर्म में प्रवेश करता है, तब से ही ईश्वर को अपना स्वामी समझने लगता है ॥९॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'तुविकूर्मि- तुविमात्र' प्रभु

Word-Meaning: - [१] हे प्रभो! हम (त्वा) = आपको (हि) = निश्चय से (तुविकूर्मिम्) = महान् कर्मोंवाला व (तुविदेष्णम्) = महान् देनेवाला विद्मा जानते हैं। [२] आप उपासकों के (अवोभिः) = रक्षणों के हेतु से (तुवीमघम्) = महान् ऐश्वर्यौवाले व (तुविमात्रम्) = महान् परिमाणवाले अनन्त सर्वव्यापक हैं।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु महान् कर्मोंवाले, महान् देनेवाले, महान् ऐश्वर्य व महान् परिमाणवाले [सर्वव्यापक] हैं।

SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - हे इन्द्र ! त्वम्। यज्ञियं=यज्ञसम्बन्धि यत्तुरीयं चतुर्थम्। नाम। अस्माकम्। करः=करोषि। तदुश्मसि=तन्नाम वयमिच्छामः। यतः। आदित्=तदनन्तरमेव। नः=अस्माकम्। त्वं पतिः। ओहसे भवसि। तदैव यज्ञं कुर्वन्तो वयं त्वां पतिं स्वीकुर्म इत्यर्थः ॥९॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - We know you as lord of universal action, all giving, treasure hold of unbounded wealth and boundless in power and presence with your favour and protections.