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वि॒द्मा हि ते॑ पु॒रा व॒यमग्ने॑ पि॒तुर्यथाव॑सः । अधा॑ ते सु॒म्नमी॑महे ॥

English Transliteration

vidmā hi te purā vayam agne pitur yathāvasaḥ | adhā te sumnam īmahe ||

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Pad Path

वि॒द्म । हि । ते॒ । पु॒रा । व॒यम् । अग्ने॑ । पि॒तुः । यथा॑ । अव॑सः । अध॑ । ते॒ । सु॒म्नम् । ई॒म॒हे॒ ॥ ८.७५.१६

Rigveda » Mandal:8» Sukta:75» Mantra:16 | Ashtak:6» Adhyay:5» Varga:26» Mantra:6 | Mandal:8» Anuvak:8» Mantra:16


SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - (अग्ने) हे भगवन् ! (इयम्) यह (दुच्छुना) विस्फोटक हैजा, प्लेग आदि महामारी अन्य आपकी स्तुति प्रार्थना से रहित चोर डाकू आदिकों को (भियै+सिषक्तु) भय दे और नाश करे किन्तु (अस्मत्) जो हम लोग आपकी कीर्ति गाते हैं, उनको न डरावें। (नः) हम लोगों के (शवः) आन्तरिक बल को (अमवत्) दृढ़, धैर्य्ययुक्त (वर्ध) कर और बढ़ा ॥१३॥
Connotation: - हे ईश ! तेरा कोप महामारी आदि रोग हम लोगों पर न आ गिरे, किन्तु जो जगत् के शत्रु और तेरी स्तुति आदि से रहित हैं, उनको भय दिखलावे ॥१३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

वह पिता [प्रभु]

Word-Meaning: - [१] हे (अग्ने) = अग्रणी प्रभो ! (पितुः ते) = पितृरूप आपके-रक्षण आपके (अवसः) = रक्षण को (वयम्) = हम यथा पुरा पहले की तरह, अर्थात् सदा से (विद्मा हि) = अवश्य प्राप्त करें। आप सदा से हमारा रक्षण करते आये हैं। हम अब भी आपके रक्षणीय हों। [२] (अधा) = अब (ते) = आपके (सुम्नं) = [hymn] स्तोत्र को (ईमहे) = हम चाहते हैं। आपके स्तवन में ही हम सदा आनन्द का अनुभव करें।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु हमारे सनातन काल से रक्षक हैं। हम सदा प्रभु-स्तवन की वृत्तिवाले बनें। प्रभु का स्तवन करते हम 'सुति' = सोमसम्पादन को 'कुरु' करनेवाले 'कुरुसुति' बनें। सोमरक्षण करते हुए ही हम यज्ञ (सुति) शील बनें। यही बुद्धिमत्ता है। यह ' काण्व' बुद्धिमान् 'कुरुसुति' ही अगले सूक्त का ऋषि है। यह इन्द्र नाम से प्रभु का स्तवन करता है-

SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - अग्ने=हे भगवन् ! इयं+दुच्छुना=विस्फोटकादिमहामारी। भियै=भयाय। अस्मद्=अन्यं स्तुतिरहितं पुरुषम्। सिषक्तु=सेवताम्। नः=अस्मभ्यम्। अमवत्=महाबलोपेतम्। शवः=धैर्य्यम्। वर्ध=वर्धय देहि ॥१३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Agni, lord of light, we know and realise your universal acts of protection and grace and we pray for the peace and joy of the blessings of your fatherly presence for all time.