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आ सु॒ते सि॑ञ्चत॒ श्रियं॒ रोद॑स्योरभि॒श्रिय॑म् । र॒सा द॑धीत वृष॒भम् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
ā sute siñcata śriyaṁ rodasyor abhiśriyam | rasā dadhīta vṛṣabham ||
Pad Path
आ । सु॒ते । सि॒ञ्च॒त॒ । श्रिय॑म् । रोद॑स्योः । अ॒भि॒ऽश्रिय॑म् । र॒सा । द॒धी॒त॒ । वृ॒ष॒भम् ॥ ८.७२.१३
Rigveda » Mandal:8» Sukta:72» Mantra:13
| Ashtak:6» Adhyay:5» Varga:16» Mantra:3
| Mandal:8» Anuvak:8» Mantra:13
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
रसा दधीत वृषभम्
Word-Meaning: - [१] (सुते) = सोम का सम्पादन होने पर (श्रियं) = श्री को शोभा को (आसिञ्चत) = चारों ओर सिक्त करो। यह सोम ही शरीर में सर्वत्र श्री का कारण बनता है। [२] इस सोम के रक्षण के होने पर (रसा) = यह पृथिवी उस पुरुष का दधीत धारण करे, जो (रोदस्योः अभिश्रियम्) = द्यावापृथिवी में, मस्तिष्क व शरीर में सर्वतः श्रीसम्पन्न है - जिसका मस्तिष्क सूर्य की तरह ज्ञान ज्योति-वाला है तथा शरीर पृथिवी की तरह दृढ़ है। तथा (वृषभं) = जो शक्तिशाली है अथवा सबके लिए सुखों का सेचन करनेवाला है।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से मस्तिष्क व शरीर दोनों ही श्रीसम्पन्न बनते हैं।
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - 0 seekers of communion aspiring for divine ecstasy, when the communion is achieved, collect and fill the mind to overflowing with nectar and offer the oblations of ananda to the heavenly glory of Agni rolling across and over heaven and earth.
