Devata: आदित्याः
Rishi: मत्स्यः साम्मदो मान्यो वा मैत्रावरुणिर्बहवो वा मत्स्या जालनध्दाः
Chhanda: निचृद्गायत्री
Swara: षड्जः
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अस्ति॑ देवा अं॒होरु॒र्वस्ति॒ रत्न॒मना॑गसः । आदि॑त्या॒ अद्भु॑तैनसः ॥
English Transliteration
Mantra Audio
asti devā aṁhor urv asti ratnam anāgasaḥ | ādityā adbhutainasaḥ ||
Pad Path
अस्ति॑ । दे॒वाः॒ । अं॒होः । उ॒रु । अस्ति॑ । रत्न॑म् । अना॑गसः । आदि॑त्याः । अद्भु॑तऽएनसः ॥ ८.६७.७
Rigveda » Mandal:8» Sukta:67» Mantra:7
| Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:52» Mantra:2
| Mandal:8» Anuvak:7» Mantra:7
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - (वरुण+मित्र+अर्य्यमन्) हे वरुण हे मित्र हे अर्य्यमन् ! (वः+महताम्) आप महान् पुरुषों का (अवः) रक्षण, साहाय्य और दान आदि (महि) प्रशंसनीय और महान् है। (अवांसि) उम्र रक्षण आदिकों को आपसे (आवृणीमहे) माँगते हैं ॥४॥
Connotation: - राष्ट्रीय सभासदों के निकट प्रजागण सदा अपनी-अपनी आवश्यकताएँ जनाया करें और उनसे कराया करें ॥४॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'अद्भुतैनसः' आदित्याः
Word-Meaning: - [१] हे (देवाः) = ज्ञानी पुरुषो! (अंहो:) = पापी पुरुष का (उरु अस्ति) = धन अत्यधिक है। यह पाप से खूब धन कमा ले लेता है घर की इसे कमी नहीं रहती, पर (अनागसः) = निष्पाप पुरुष का ही (रत्नं अस्ति) = रमणीय धन होता है । सुपथ से कमाया गया धन ही जीवन में रमणीयता का कारण बनता है। [२] इसी से (आदित्यद्मः) = गुणों व ज्ञानों का आदान करनेवाले पुरुष अद्भुत (एनस:) = अभूतपाप होते हैं। ये कभी पाप में प्रवृत्त नहीं होते। पाप से ये धनार्जन नहीं करते।
Connotation: - भावार्थ- पाप से कमाया धन अधिक होता हुआ भी रमणीयता का साधक नहीं होता । आदित्य विद्वान् सदा पाप से परे रहते हैं।
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - हे वरुण हे मित्र हे अर्य्यमन् ! महतां=श्रेष्ठानाम्। वः=युष्माकम्। अवः=रक्षणमपि। महि=प्रशंसनीयम्। वर्तते। तानि अवांसि=रक्षणानि। आवृणीमहे=याचामहे ॥४॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Adityas, children of light, rulers and administrators, generous and unpolluted by corruption, the relief for the distressed is ample freedom from distress, and the reward for the sinless is jewel graces of life.
