Devata: आदित्याः
Rishi: मत्स्यः साम्मदो मान्यो वा मैत्रावरुणिर्बहवो वा मत्स्या जालनध्दाः
Chhanda: गायत्री
Swara: षड्जः
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पर्षि॑ दी॒ने ग॑भी॒र आँ उग्र॑पुत्रे॒ जिघां॑सतः । माकि॑स्तो॒कस्य॑ नो रिषत् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
parṣi dīne gabhīra ām̐ ugraputre jighāṁsataḥ | mākis tokasya no riṣat ||
Pad Path
पर्षि॑ । दी॒ने । ग॒भी॒रे । आ । उग्र॑ऽपुत्रे । जिघां॑सतः । माकिः॑ । तो॒कस्य॑ । नः॒ । रि॒ष॒त् ॥ ८.६७.११
Rigveda » Mandal:8» Sukta:67» Mantra:11
| Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:53» Mantra:1
| Mandal:8» Anuvak:7» Mantra:11
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - हे मनुष्यों ! (नः) हम लोगों को (सेतुः) पापरूप बन्धन दृढ़ता से (नः+सिषेत्) न बाँधे, वैसा वर्ताव रखना चाहिये। (अयम्) यह न्यायाधीश जगदीश (नः) हम लोगों को (महे) पुण्यकार्य्य के लिये (परि+वृणक्तु) छोड़ देवे, (हि) क्योंकि (इन्द्रः+इत्) यही परमेश्वर (श्रुतः) विख्यात (वशी) वशी है अर्थात् सम्पूर्ण जगत् को अपने वश में रखनेवाला है ॥८॥
Connotation: - हम लोगों को सदा शुभकर्म के सेवन में रहना चाहिये, जिससे ईश्वरीय दण्ड हम पर न गिरे। हमारा सम्पूर्ण जीवन प्राणिहित हो ॥८॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'दीन, गभीर, उग्र'
Word-Meaning: - [१] हे अदिते! स्वास्थ्य की देवते ! तू (दीने) = ऊँची उड़ान लेनेवाले - उच्च लक्ष्यवाले (गभीरे) = गम्भीर वृत्तिवाले (उग्रपुत्रे) = हमारे तेजस्वी पुत्र के विषय में (जिघांसतः) = हिंसा की कामनावाले पुरुष से (आपर्षि) = रक्षण करती है। स्वस्थ शरीर व स्वस्थ मनवाला यह हमारा सन्तान विनष्ट नहीं होता। [२] इस हिंसक का जाल (नः) = हमारे (तोकस्य) = सन्तान का (माकिः रिषत्) = हिंसन करनेवाला न हो ।
Connotation: - भावार्थ-स्वास्थ्य हमारे सन्तानों को उच्च लक्ष्यवाला, गम्भीर प्रकृतिवाला व तेजस्वी बनाए । इन्हें कोई भी विषयजाल में न फंसा सके।
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - हे मनुष्याः ! सेतुः=पापबन्धनम्। नः=अस्मान्। यथा मा सिषेत् न दृढतरं बध्नीयात्। तथास्माभिर्वर्तितव्यम्। अयं परमात्मा। महे=पुण्याय कार्य्याय। नोऽस्मान्। परि+वृणक्तु=परित्यजतु। हि=यतः। इन्द्र+इत्=ईश्वर एव। श्रुते वशी=सर्वस्य वशीकर्तास्ति ॥८॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Aditi, mother of brave and blazing Adity as, pray anoint us, make us immune and help us cross the seas of violence both deep and shallow, let no enemy, violence or disease harm and injure our coming generations.
