Viewed 358 times
दा॒ता मे॒ पृष॑तीनां॒ राजा॑ हिरण्य॒वीना॑म् । मा दे॑वा म॒घवा॑ रिषत् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
dātā me pṛṣatīnāṁ rājā hiraṇyavīnām | mā devā maghavā riṣat ||
Pad Path
दा॒ता । मे॒ । पृष॑तीनाम् । राजा॑ । हि॒र॒ण्य॒ऽवीना॑म् । मा । दे॒वाः॒ । म॒घऽवा॑ । रि॒ष॒त् ॥ ८.६५.१०
Rigveda » Mandal:8» Sukta:65» Mantra:10
| Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:47» Mantra:4
| Mandal:8» Anuvak:7» Mantra:10
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - (इन्द्र) हे ईश ! (यद्) जिस कारण (शश्वताम्) सदा स्थायी मनुष्यसमाजों का (त्वम्+साधारणः) तू साधारण=समान स्वामी (अस्ति) है (हि) यह प्रसिद्ध और (चित्) निश्चय है, इस कारण (तम्+त्वाम्) उस तुझको (वयम्+हवामहे) हम सब अपने शुभकर्मों में बुलाते और स्तुति करते हैं ॥७॥
Connotation: - शश्वताम्=इसका अर्थ चिरन्तन और सदा स्थायी है। मनुष्यसमाज प्रवाहरूप से अविनश्वर है, अतः यह शाश्वत है। परमात्मा सबका साधारण पोषक है, इसमें सन्देह स्थल ही नहीं, अतः प्रत्येक शुभकर्म में प्रथम उसी का स्मरण, कीर्त्तन, पूजन व प्रार्थना करना उचित है ॥७॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
पृषतीनां हिरण्यवीनाम्
Word-Meaning: - [१] (मघवा) = वह ऐश्वर्यशाली प्रभु (मे) = मेरे लिए (पृषतीनां दाता) = सब धनों को प्राप्त करानेवाली कर्मेन्द्रियों को [कर्मेन्द्रियरूप अश्वों के] दाता देनेवाले हैं। वे प्रभु (हिरण्यवीनां राजा) = हितरमणीय ज्ञान को प्राप्त करानेवाले ज्ञानेन्द्रिरूप गौओं के राजा-स्वामी हैं- हमारे लिए इनकी क्रियाओं को करनेवाले हैं। [२] देवाः = हे ज्ञानियो ! मघवा मा रिषत् प्रभु कभी हिंसित न हों। तुम कभी प्रभु का विस्मरण न करो । प्रभु ही तो तुम्हें उत्तम कर्मेन्द्रियों व उत्तम ज्ञानेन्द्रियों को प्राप्त कराएँगे।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु हमारे लिए उत्तम इन्द्रियों को देते हैं। हम प्रभु को कभी भूलें नहीं।
SHIV SHANKAR SHARMA
Word-Meaning: - हे इन्द्र ! यद्=यस्मात् कारणात्। शश्वताम्=सदा स्थायिनां मनुष्यसमाजानाम्। त्वम्+साधारणः=समानः। अस्ति। हीति प्रसिद्धमेतत्। चिदिति निश्चितम्। तस्मात्तं त्वा वयं हवामहे ॥७॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Indra is the giver of golden gifts of lands and cows and he is the ruler and controller of the golden gifts of divinity. O divinities of heaven and earth, may Indra never be neglected, and may Indra never neglect and hurt us.
