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अ॒यु॒जो अस॑मो॒ नृभि॒रेक॑: कृ॒ष्टीर॒यास्य॑: । पू॒र्वीरति॒ प्र वा॑वृधे॒ विश्वा॑ जा॒तान्योज॑सा भ॒द्रा इन्द्र॑स्य रा॒तय॑: ॥

English Transliteration

ayujo asamo nṛbhir ekaḥ kṛṣṭīr ayāsyaḥ | pūrvīr ati pra vāvṛdhe viśvā jātāny ojasā bhadrā indrasya rātayaḥ ||

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Pad Path

अ॒यु॒जः । अस॑मः । नृऽभिः॑ । एकः॑ । कृ॒ष्टीः । अ॒यास्यः॑ । पू॒र्वीः । अति॑ । प्र । व॒वृ॒धे॒ । विश्वा॑ । जा॒तानि॑ । ओज॑सा । भ॒द्राः । इन्द्र॑स्य । रा॒तयः॑ ॥ ८.६२.२

Rigveda » Mandal:8» Sukta:62» Mantra:2 | Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:40» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:7» Mantra:2


SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - (इन्द्र) हे इन्द्र ! (अद्य+अद्य) आज-आज (श्वः+श्वः) कल-कल (परे+च) और तीसरे, चौथे, पञ्चम आदि दिनों में भी (नः+त्रास्व) हमारी रक्षा कर। (नः+जरितॄन्) हम स्तुतिपाठकों को (विश्वा+अहा) सब दिनों में (दिवा+च+नक्तम्+च) दिन और रात्रि में (सत्पते) हे सत्पालक देव ! (रक्षिषः) बचा ॥१७॥
Connotation: - वही रक्षक, पालक और आश्रय है, अतः सब प्रकार के विघ्नों से बचने के लिये उसी से प्रार्थना करनी चाहिये ॥१७॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'शक्तिप्रदाता' सर्वशक्तिमान् प्रभु

Word-Meaning: - [१] वे प्रभु (अयुजः) = अपने कार्यों में किसी सहाय की आवश्यकता नहीं रखते। (असमः) = उनके समान कोई नहीं है। वे (एकः) = अद्वितीय प्रभु (नृभिः) = सारे मनुष्यों व देवों से (अयास्यः) = पराजित नहीं किये जा सकते। ये प्रभु (पूर्वीः) = अपना पालन व पूरण करनेवाली (कृष्टी:) = श्रमशील प्रजाओं को (अति प्रवावृधे) = अतिशयेन बढ़ानेवाले हैं। [२] ये प्रभु (विश्वाः) = सब (जातानि) = उत्पन्न प्राणियों को (ओजसा) = ओज से बढ़ाते हैं। इस (इन्द्रस्य) = सर्वशक्तिमान् प्रभु की (रातयः) = देन (भद्राः) = कल्याणकर हैं।
Connotation: - भावार्थ - अनन्त शक्तिवाले वे प्रभु अद्वितीय हैं। सभी को वे ही शक्ति प्राप्त करा रहे हैं।

SHIV SHANKAR SHARMA

Word-Meaning: - हे इन्द्र ! अद्य अद्य=अस्मिन् अस्मिन्। श्वः श्वः। परे च=परस्मिन्नपि दिने। नः त्रास्व। नोऽस्मान्। जरितॄन्=स्तोस्तॄन्। विश्वा=विश्वानि। अहा=अहानि च। दिवा च नक्तञ्च। हे सत्पते रक्षिषः=रक्ष ॥१७॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Sole and self-sufficient, unequal, one supreme among humanity, beyond the power of mortals, he excels and transcends all those born ever before or at present or to be born in future, by virtue of his lustre and magnanimity. Great are the powers and gifts of Indra’s generosity.